द फॉलोअप डेस्क
झारखंड के श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव ने राज्य में व्यापार और निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मंत्री पीयूष गोयल के साथ दिल्ली में बैठक कर कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। साथ ही पत्र भी लिखा है। मंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। देश के लगभग 40 प्रतिशत खनिज यहीं उपलब्ध हैं और देश का करीब 25 प्रतिशत स्टील उत्पादन भी झारखंड में होता है। राज्य में लगभग सात लाख से अधिक छोटे और मझोले उद्योग संचालित हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार आवश्यक आधारभूत सुविधाएं और व्यापारिक सहयोग उपलब्ध कराए, तो झारखंड पूरे भारत का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट हब बन सकता है।

व्यापार बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से रखीं सात प्रमुख मांगें
श्रम मंत्री ने पत्र में केंद्र सरकार से झारखंड में डीजीएफटी (DGFT) का कार्यालय खोलने की मांग की है, ताकि व्यापारियों को लाइसेंस और अन्य सरकारी मंजूरियां समय पर मिल सकें। उन्होंने झारखंड में कस्टम क्लियरेंस के लिए ड्राई पोर्ट स्थापित करने का भी आग्रह किया है, जिससे राज्य में ही कंटेनरों की जांच और सीधे बड़े कंटेनर पोर्ट तक भेजने की सुविधा उपलब्ध हो सके। इसके अलावा राज्य में एक्सपोर्ट काउंसिल का दफ्तर खोलने, इंटरनेशनल स्तर की टेस्टिंग लैब स्थापित करने और उत्पादों की गुणवत्ता की जांच राज्य में ही कराने की व्यवस्था करने का सुझाव दिया है, ताकि झारखंड के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतर सकें।

कनेक्टिविटी, एयरपोर्ट और प्रशिक्षण पर भी दिया जोर
पत्र में मंत्री ने कहा है कि केंद्र सरकार की उड़ान, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और पीएम गति शक्ति जैसी योजनाओं का लाभ झारखंड के सुदूर इलाकों तक पहुंचना चाहिए, ताकि छोटे गांवों और कस्बों के उत्पाद भी विदेशी बाजारों तक पहुंच सकें। उन्होंने रांची और देवघर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के रूप में विकसित करने की भी मांग की है, जिससे राज्य के व्यापारियों को कार्गो सुविधाएं मिल सकें। साथ ही रांची, जमशेदपुर और देवघर जैसे शहरों में निर्यात एवं व्यापार से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का आग्रह किया है, ताकि राज्य के व्यापारी निर्यात संबंधी प्रक्रियाओं की बेहतर जानकारी प्राप्त कर सकें।

झारखंड को एक्सपोर्ट हब बनाने का रखा लक्ष्य
संजय प्रसाद यादव ने पत्र में कहा है कि झारखंड राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यदि केंद्र सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर और व्यापारिक नीतियों में सहयोग करती है, तो झारखंड पूरे भारत का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के साथ मिलकर चरणबद्ध तरीके से काम करने को तैयार है। पत्र के अंत में मंत्री ने अनुरोध किया है कि व्यापार हित में उनकी ओर से उठाए गए सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए।