द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में मंगलवार को भी मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार रांची समेत उत्तर-पूर्वी भाग के जामताड़ा, मध्य भाग के बोकारो, धनबाद, लोहरदगा, गुमला, रामगढ़, खूंटी तथा दक्षिणी भाग के सिमडेगा जिले में भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कई इलाकों में वज्रपात भी होने की आशंका है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

रविवार को वज्रपात से गई 9 लोगों की जान
मौसम विभाग का कहना है कि राज्य के कई हिस्सों में एक जुलाई तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है, जबकि येलो अलर्ट की चेतावनी पांच जुलाई तक प्रभावी रहेगी। सोमवार को राजधानी रांची में तेज हवाओं और वज्रपात के साथ मूसलाधार बारिश हुई, जहां चार मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा जमशेदपुर में दो मिलीमीटर, डालटनगंज में 40 मिलीमीटर और बोकारो में 14.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इससे पहले रविवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में वज्रपात और बारिश की अलग-अलग घटनाओं में दो नाबालिगों समेत नौ लोगों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार रांची और गढ़वा जिले में दो-दो लोगों की मौत हुई, जबकि गुमला जिले में एक व्यक्ति की जान चली गई। अन्य जिलों में भी वज्रपात की घटनाओं में लोगों की मौत की सूचना मिली है।

रांची में कुछ देर बंद रही बिजली आपूर्ति
बारिश और वज्रपात के दौरान सुरक्षा को देखते हुए राजधानी रांची के कई इलाकों में एहतियातन बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई। करीब एक से डेढ़ घंटे तक कई मोहल्लों में बिजली नहीं रही। हालांकि बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस दौरान बिजली व्यवस्था को किसी प्रकार का बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा और बाद में आपूर्ति सामान्य कर दी गई। विभाग का कहना है कि खराब मौसम के दौरान लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया था, ताकि किसी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। इधर हटिया ग्रिड में चल रहे मरम्मत कार्य के कारण सोमवार को रांची और आसपास के बड़े इलाके में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। हटिया ग्रिड-1 के 132 केवी और 33 केवी सिस्टम में मरम्मत कार्य के चलते पिछले 24 घंटे से एक पावर ट्रांसफॉर्मर बंद रखा गया था। इसका असर दर्जनों मोहल्लों और आसपास के क्षेत्रों पर पड़ा, जिससे लोगों को लंबे समय तक बिजली संकट का सामना करना पड़ा। बिजली नहीं रहने से गर्मी में लोगों की परेशानी बढ़ गई, वहीं समय पर पानी का भंडारण नहीं हो पाने के कारण कई इलाकों में जलसंकट जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो गई।