रांची
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रदेश सचिव महेंद्र पाठक ने कहा है कि झारखंड की राजधानी रांची में रोजगार, JPSC-JSSC में पारदर्शिता और पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठा रहे छात्रों पर राज्य सरकार ने बर्बर लाठीचार्ज करवाया। दर्जनों छात्र घायल और सैकड़ों गिरफ्तार। यह घटना झारखंड सरकार की कायरता और असफलता का प्रमाण है। दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई हर एवं सरकार की बदनामी के कारण घड़ियाली आंसू बहाकर "बदले की राजनीति" कर रही है। भाकपा स्पष्ट कहना चाहती है कि बीजेपी को छात्रों की चिंता नहीं है, उसे सिर्फ झारखंड में सत्ता चाहिए।

भाजपा के बारे में क्या कहा
1. बीजेपी सबसे बड़ी ढोंगी: कई वर्षों से केंद्र में और झारखंड बनने के बाद कई वर्षों तक झारखंड में राज करने के बाद बीजेपी आज छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर चला रही है। NEET पेपर लीक, SSC घोटाला, बेरोजगारी - ये सब बीजेपी की देन है। आज जंतर-मंतर पर भाषण देने वालों ने खुद झारखंड के युवाओं को लाठी और बेरोजगारी दी थी।
2. CBI केंद्र की कठपुतली: बीजेपी छात्रों के आंदोलन को CBI जांच के नाम पर भटकाना चाहती है। जबकि खुद CBI के पास हजारों मुकदमे बरसों से लंबित पड़े हैं। राफेल से लेकर व्यापम तक, एक भी मामला निपटा नहीं। CBI बीजेपी का राजनीतिक हथियार बन चुकी है। छात्रों के आंदोलन को CBI के हवाले करना मतलब उसे कब्र में दफन करना है।
3. हेमंत सरकार की नरम नीति जिम्मेदार: अगर समय रहते सरकार छात्रों से बात करती, उनकी मांगें मानती, तो बीजेपी को राजनीति का मौका नहीं मिलता। सरकार की ढुलमुल नीति और दमन दोनों निंदनीय हैं।

भाकपा की ठोस मांगें:
1. तुरंत लाठीचार्ज की न्यायिक जांच हो और दोषी SP, DM पर FIR दर्ज हो।
3. JPSC, JSSC में कैलेंडर जारी हो, 1 लाख खाली पदों पर 6 महीने में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो।
4. पेपर लीक पर स्पेशल टास्क फोर्स बने, न कि CBI के नाम पर लीपापोती।
5. हेमंत सरकार अबिलंब छात्र प्रतिनिधियों से वार्ता कर लिखित समझौता करे।
भाकपा ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने छात्रों की मांगें नहीं मानी तो पूरे झारखंड आंदोलन तेज होगा।
