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झारखंड ट्रेजरी फर्जी निकासी मामले में ED की एंट्री, रांची-हजारीबाग-बोकारो केस में ECIR दर्ज

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द फॉलोअप डेस्क

झारखंड में वेतन मद में ट्रेजरी से हुई फर्जी निकासी के मामले में अब ED की भी एंट्री हो गई है। एजेंसी ने मामले में ECIR दर्ज कर ली है। इस जांच में रांची, हजारीबाग और बोकारो ट्रेजरी से कथित फर्जी निकासी से जुड़ी प्राथमिकी को शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि इससे उन अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, जिन पर नियमों के विपरीत भुगतान लेने या राशि लौटाने के आरोप हैं। मामले का खुलासा तब हुआ जब प्रधान महालेखाकार चंद्र मौली सिंह ने ट्रेजरी जांच के दौरान पुलिस विभाग में वेतन मद में संदिग्ध निकासी की जानकारी वित्त विभाग को भेजी। शुरुआती रिपोर्ट में बोकारो और हजारीबाग ट्रेजरी से फर्जी भुगतान की बात सामने आई थी। इसके बाद राज्य सरकार ने जिला स्तर पर जांच कराने का निर्देश दिया। राज्य के पांच जिलों बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़, रांची, देवघर और चाईबासा में हुए ट्रेजरी घोटाले में अब तक लगभग 40 करोड़ रुपए के फर्जी निकासी की बात सामने आयी है।

उच्चस्तरीय समिति कर रही जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने उत्पाद विभाग के प्रधान सचिव अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया। समिति फिलहाल बोकारो ट्रेजरी से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। हालांकि, सरकार ने शुरुआती स्तर पर केवल दो जिलों में हुई निकासी की जांच का दायरा तय किया था।

12 ट्रेजरी तक पहुंची जांच, अन्य विभाग भी रडार पर
इस बीच प्रधान महालेखाकार ने सरकार को दूसरी रिपोर्ट भेजकर राज्य की कुल 12 ट्रेजरी में वेतन मद से संदिग्ध निकासी की जानकारी दी है। साथ ही स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग में भी फर्जी भुगतान की आशंका जताई गई है। इसके आधार पर वित्त विभाग ने संबंधित जिलों को जांच के आदेश जारी किए हैं।राज्य सरकार ने दर्ज प्राथमिकी की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। अब तक इस मामले में 12 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। रांची में दर्ज केस के तहत पशुपालन विभाग के लेखपाल मुनिंद्र कुमार और उसके करीबी संजीव कुमार को जेल भेजा गया है। जांच में सामने आया है कि मुनिंद्र कुमार ने कथित रूप से 20-20 लाख रुपये मूल वेतन दिखाकर फर्जी निकासी की।

हजारीबाग, बोकारो और देवघर में भी गिरफ्तारी
हजारीबाग में वेतन मद से फर्जी निकासी मामले में सौरभ सिंह, रजनीश कुमार सिंह, शंभु कुमार, काजल कुमारी, खुशबू सिंह और धीरेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया है। वहीं बोकारो ट्रेजरी मामले में कौशल पांडेय, सतीश कुमार सिंह और काजल मंडल को जेल भेजा गया। देवघर ट्रेजरी से स्वास्थ्य कर्मियों के नाम पर कथित फर्जी निकासी के आरोप में सबिता कुमारी की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।

 

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