रांची
झारखंड के अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की साइबर क्राइम शाखा ने एक बड़े ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी मामले का खुलासा किया है। इस मामले में करीब 2.98 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। जांच के बाद जमशेदपुर से एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया गया है।.jpg)
क्या है मामला?
एक पीड़ित की शिकायत के आधार पर रांची स्थित साइबर क्राइम थाना में FIR संख्या 88/25 दर्ज की गई थी। पीड़ित ने बताया कि उन्हें Telegram पर "Global India" नामक साइट का लिंक भेजा गया, जिसे क्लिक करने पर उन्हें CBOE (शिकागो बोर्ड ऑफ ऑप्शंस एक्सचेंज) से जुड़ी फर्जी वेबसाइट पर रजिस्टर कराया गया। वहां मेटल ट्रेडिंग में ऊंचे मुनाफे का लालच देकर निवेश करवाया गया। पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹2,98,66,750 (करीब तीन करोड़) रुपये ट्रांसफर किए। बाद में पता चला कि यह पूरा निवेश एक ठगी योजना का हिस्सा था।
आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
जांच के दौरान CID ने एक साइबर अपराधी की पहचान की और उसे जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपी का नाम दिनेश कुमार, पिता प्रेमनाथ जयसवाल, निवासी शास्त्री नगर, जमशेदपुर है।
यह आरोपी IndusInd Bank के खाते (खाता संख्या: 201034608570) से जुड़ा हुआ है, जिसमें सिर्फ एक दिन में ₹1.15 करोड़ की रकम जमा हुई थी। इस खाते के खिलाफ पहले से नोएडा सेक्टर-36 थाना में दर्ज ₹3.29 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज है।
आगे की जांच जारी
CID की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि इस अंतरराज्यीय साइबर गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं। साथ ही, सभी बैंक खातों, डिजिटल संपत्तियों और ऑपरेटरों की भी जांच की जा रही है।
कैसे बचें ऐसी धोखाधड़ी से?
CID ने आम जनता से सावधानी बरतने की अपील की है:
1. Youtube, WhatsApp, Telegram या Google Ads से आए किसी भी निवेश से जुड़े लिंक पर क्लिक न करें।
2. किसी अनजान बैंक खाते या UPI ID में पैसे न भेजें।
3. निवेश केवल सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त ऐप्स या पोर्टल्स के माध्यम से करें।
4. किसी फ्रॉड का शिकार होने पर साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।