जामताड़ा
मिहिजाम थाना क्षेत्र के कानगोई हनुमान मंदिर इलाके में शनिवार को विद्युत विभाग की घोर लापरवाही के कारण दो दुधारू मवेशियों की दर्दनाक मौत हो गई। यहां एक ट्रांसफार्मर से हो रहे करंट लीकेज की चपेट में आने से दोनों बेजुबान जानवरों ने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। इस हादसे ने जहाँ एक गरीब पशुपालक को आर्थिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया है, वहीं विद्युत विभाग के इस उदासीन रवैये को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
डेढ़ लाख का नुकसान, परिवार पर मंडराया रोजी-रोटी का संकट
पीड़ित पशुपालक सत्येंद्र यादव (मूल निवासी: विश्वकर्मा मंदिर रोड) अपनी आजीविका के लिए पूरी तरह से इन्हीं मवेशियों पर निर्भर थे। भावुक होकर सत्येंद्र ने बताया कि रोज की तरह उनके मवेशी बाहर चरने के लिए निकले थे। इसी दौरान ट्रांसफार्मर के पास फैले असुरक्षित और नंगे तारों में अचानक करंट उतर आया, जिसकी चपेट में दोनों जानवर आ गए। इस घटना से सत्येंद्र यादव को लगभग डेढ़ लाख रुपये का भारी नुकसान हुआ है। इसी दूध के कारोबार से उनके परिवार की रोजी-रोटी चलती थी, जो अब पूरी तरह ठप हो गई है। उनके सामने अब जीवन-यापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
मौत का 'जाल' बना ट्रांसफार्मर, सुरक्षा ताक पर
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कानगोई हनुमान मंदिर के समीप लगा यह ट्रांसफार्मर लंबे समय से एक बड़े खतरे को दावत दे रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की यह लापरवाही किसी दिन बड़ी इंसानी जान भी ले सकती है; आज मवेशियों की जान गई है, कल को किसी इंसान के साथ भी बड़ी अनहोनी घट सकती है। कानगोई और आसपास के क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित पशुपालक को अविलंब उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही, जिले के सभी ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा जांच कराकर उनकी फेंसिंग की जाए, नंगे तारों को दुरुस्त किया जाए और दोषी अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो। विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अनगिनत कमियां गिनाईं।