logo

जामताड़ा में किताब देने के बहाने छात्रा से छेड़खानी करने वाले शिक्षक को 3 साल की सजा

WhatsApp_Image_2026-06-26_at_12_15_52_PM.jpeg

जामताड़ा
जामताड़ा की एक विशेष अदालत ने स्कूल में किताब देने के बहाने नाबालिग छात्रा के साथ छेड़खानी करने के आरोपी शिक्षक भागीरथ महतो को दोषी करार देते हुए 3 साल के कारावास की सजा सुनाई है। जिला जज प्रथम सह विशेष न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया।
क्या था पूरा मामला?
यह आपराधिक घटना 30 अगस्त 2023 की है। पीड़िता, जो कि एक नाबालिग छात्रा है, अपने स्कूल में किताब लेने गई थी। आरोपी शिक्षक भागीरथ महतो ने उससे कहा कि वह छुट्टी के समय किताब देगा। जब स्कूल के सभी छात्र-छात्राएं चले गए, तो आरोपी शिक्षक ने मौका पाकर छात्रा को एक कमरे में बंद कर दिया और उसके साथ छेड़खानी करने लगा। नाबालिग छात्रा किसी तरह आरोपी के चंगुल से बचकर वहां से भागी और घर पहुंचकर अपने परिजनों को आपबीती सुनाई। परिजनों के साथ भी की थी बदसलूकी
घटना की जानकारी मिलने के बाद जब पीड़िता के परिजन शिकायत लेकर आरोपी शिक्षक के घर पहुंचे, तो शिक्षक ने अपनी गलती मानने के बजाय परिजनों के साथ गाली-गलौज की और उन्हें वहां से भगा दिया। इसके बाद मामले की प्राथमिकी बिंदापाथर थाना कांड संख्या 60/2023 में दर्ज कराई गई थी। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले को साबित करने के लिए अदालत में कुल 11 गवाहों को पेश किया गया, जिसके आधार पर कोर्ट ने यह सख्त फैसला सुनाया। न्यायालय ने दोषी पाए गए बिंदापाथर थाना क्षेत्र के हरनादह निवासी शिक्षक भागीरथ महतो को अलग-अलग धाराओं के तहत सजा और जुर्माने से दंडित किया है। भादवि की धारा 354 दोषी को 3 साल के कारावास और ₹10,000 अर्थदंड की सजा सुनाई गई। जुर्माना न भरने पर 6 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पॉक्सो एक्ट की धारा 12 इस धारा के तहत भी न्यायालय ने 3 साल के कारावास और ₹10,000 अर्थदंड की सजा मुकर्रर की है। इसमें भी जुर्माना न देने पर 6 महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। भादवि की धारा 341 इस धारा में दोषी को 1 महीने के कारावास और ₹500 अर्थदंड की सजा मिली है। जुर्माना न देने पर 15 दिनों की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
 

Tags - Jamtara News POCSO Act Jharkhand Crime Court Verdict Crime News