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मेटा ग्लोबल हैकाथॉन में ऑल इंडिया रैंक-1, जामताड़ा के शोएब शमा बने युवाओं के रोल मॉडल

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जामताड़ा 
जामताड़ा के छोटे से कस्बे करमाटांड़ से निकलकर वैश्विक तकनीकी जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले युवा प्रतिभा शोएब शमा आज जिले के युवाओं के लिए रोल मॉडल बन गए हैं। प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान DTU के छात्र रहे शोएब ने मेटा ग्लोबल हैकाथॉन में ऑल इंडिया रैंक-1 और ग्लोबल रैंक-7 हासिल कर देश का मान बढ़ाया है। वर्तमान में दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी 'रिपलिंग' में कार्यरत शोएब की यह सफलता साबित करती है कि दृढ़ संकल्प के आगे संसाधन कभी बाधा नहीं बनते। उनकी सफलता की कहानी आज जामताड़ा सहित पूरे झारखंड के युवाओं के लिए प्रेरणादायक मिसाल बन गई है। जेईई मेन से शुरू हुआ सफलता का सफर
शोएब ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद देश की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा 'जेईई मेन' में सफलता प्राप्त की और दिल्ली के अग्रणी तकनीकी संस्थान दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में प्रवेश हासिल किया। तकनीक के प्रति उनका झुकाव शुरू से ही था और कॉलेज जीवन के दौरान उन्होंने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। DTU में अध्ययन के दौरान वे विश्वविद्यालय की टेक्निकल सोसाइटी के अध्यक्ष बने। इस भूमिका में उन्होंने छात्रों के बीच नवाचार (इन्नोवेशन), तकनीकी अनुसंधान और आधुनिक तकनीकों के प्रति रुचि बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके नेतृत्व में कई तकनीकी कार्यक्रमों और नवाचार-आधारित गतिविधियों का सफल आयोजन हुआ।राष्ट्रीय और वैश्विक प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन
उन्होंने इस प्रतियोगिता में ऑल इंडिया रैंक-1 और ग्लोबल रैंक-7 हासिल करके देश और अपने जिले का नाम रोशन किया। यह उपलब्धि तकनीकी क्षेत्र में उनकी गहरी समझ और इन्नोवेशन स्किल को दर्शाती है। इसके अलावा, उन्हें 'वर्ल्ड्स बेस्ट क्विज़र अवॉर्ड' से भी सम्मानित किया गया। तकनीक, सामान्य ज्ञान और एनालिटिकल थिंकिंग के क्षेत्र में उनकी दक्षता ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान दिलाई। मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा साबित की। प्रतिष्ठित ईवाई (EY) मशीन लर्निंग प्रतियोगिता में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त करके तकनीकी जगत का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। सामाजिक जिम्मेदारी निभाने में भी रहे आगे
तकनीकी उपलब्धियों के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र में भी शोएब की सक्रिय भागीदारी उल्लेखनीय रही है। उन्हें यूनाइटेड नेशंस अकैडमिक इम्पैक्ट (UNAI) और मिलेनियम कैंपस नेटवर्क (MCN) द्वारा संचालित प्रतिष्ठित मिलेनियम फेलोशिप के लिए चुना गया। इस फेलोशिप के माध्यम से उन्होंने सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) और सामाजिक परिवर्तन से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में योगदान दिया। उनका मानना है कि तकनीक का उपयोग केवल व्यावसायिक सफलता के लिए नहीं, बल्कि समाज के सकारात्मक विकास के लिए भी होना चाहिए। यही सोच उन्हें अन्य युवाओं से अलग बनाती है। देशभर के छात्रों को कर रहे प्रेरित
अपनी उपलब्धियों और अनुभवों के कारण शोएब को देश के कई प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में गेस्ट स्पीकर के रूप में आमंत्रित किया गया है। उन्होंने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी  और IGDTUW सहित कई कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा किए हैं। अपने व्याख्यानों में वे विद्यार्थियों को नवाचार, तकनीकी शिक्षा, करियर निर्माण और आत्मविश्वास के महत्व के बारे में बताते हैं। उनकी कहानी से प्रेरित होकर अनेक छात्र अपने सपनों को नई दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं। टेक इंडस्ट्री में भी बनाई मजबूत पहचान
कॉलेज के दौरान ही शोएब को वैश्विक कंपनी 'स्प्रिंकलर' में इंटर्नशिप का अवसर मिला, जिसे उनके संस्थान की सबसे अधिक पैकेज  वाली इंटर्नशिप में से एक माना जाता है। इसके बाद उन्होंने भारत की अग्रणी फिटनेस टेक्नोलॉजी कंपनी में काम किया और अपने कौशल को और निखारा। वर्तमान में वे दुनिया की प्रमुख पेरोल और वर्कफोर्स मैनेजमेंट कंपनियों में से एक 'रिपलिंग' से जुड़े हुए हैं, जहां वे आधुनिक तकनीकों और नवाचार-आधारित समाधानों पर कार्य कर रहे हैं।
 

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