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जामताड़ा में पुराने पैदल पुल को चालू करने की मांग, नागरिक मंच ने DRM के नाम सौंपा ज्ञापन

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द फॉलोअप डेस्क
जामताड़ा रेलवे स्टेशन पर बंद पड़े पुराने पैदल पुल को फिर से चालू कराने की मांग को लेकर सोमवार को स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिला। नागरिक मंच जामताड़ा के बैनर तले एक प्रतिनिधिमंडल ने आसनसोल रेल डिवीजन के डीआरएम के नाम स्टेशन प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा। इस अभियान का नेतृत्व मंच के अध्यक्ष संतान मिश्रा और मनजीत सिंह ने किया। ज्ञापन में बताया गया कि रेलवे स्टेशन के एक छोर से दूसरे छोर को जोड़ने वाला पुराना पैदल पुल लंबे समय से जर्जर हालत में है। रेलवे की ओर से पुल को बंद कर मरम्मत या पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन कार्य की धीमी गति के कारण शहरवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह क्षेत्र घनी आबादी वाला है। पुल बंद होने से खासकर वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों को रेलवे ट्रैक पार करने या लंबा चक्कर लगाकर स्टेशन के दूसरे हिस्से में जाना पड़ रहा है। इससे जहां समय की बर्बादी हो रही है, वहीं हादसे का खतरा भी बना रहता है।


नागरिक मंच ने रखीं प्रमुख मांगें
नागरिक मंच ने रेलवे प्रशासन के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें पुराने पैदल पुल की मरम्मत कार्य में तेजी लाकर उसे जल्द आम लोगों के लिए खोलने, पला बगान क्षेत्र के सामने एक नया पैदल पुल बनाने और दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच आसनसोल से जसीडीह के बीच नई लोकल ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग शामिल है। मंच के सदस्यों ने कहा कि यदि रेलवे प्रशासन जल्द इन मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाता है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान शहर के कई गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।