जामताड़ा:
भारत सरकार द्वारा प्रायोजित पुनर्गठित वितरण क्षेत्र सुधार योजना (RDSS) के तहत जामताड़ा विद्युत आपूर्ति प्रमंडल क्षेत्र के सभी घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के परिसरों में पोस्टपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। विद्युत विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक सूचना जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के परिसरों में पोस्टपेड स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य है।

बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने की पहल
विद्युत कार्यपालक अभियंता, जामताड़ा की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य बिजली आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुचारू और आधुनिक बनाना है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली खपत और बिलिंग प्रक्रिया को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।
मीटर लगाने में विभागीय कर्मियों का करें सहयोग
विभाग ने सभी बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि स्मार्ट मीटर लगाने के लिए उनके परिसरों में पहुंचने वाले विभागीय कर्मियों का पूरा सहयोग करें। विभाग के अनुसार, उपभोक्ताओं के सहयोग से स्मार्ट मीटर लगाने का काम निर्धारित समय-सीमा में बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सकेगा।
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बाधा डालने पर होगी कानूनी कार्रवाई
विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं को चेतावनी भी दी है कि यदि कोई व्यक्ति मौजूदा बिजली कनेक्शन में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न करता है या पोस्टपेड स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में बाधा पहुंचाता है, तो उसके खिलाफ विभागीय नियमों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील
जामताड़ा विद्युत आपूर्ति प्रमंडल ने एक बार फिर सभी घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर लगाने में सहयोग करने की अपील की है। विभाग का कहना है कि स्मार्ट मीटरिंग व्यवस्था से क्षेत्र की बिजली सेवाओं को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।