जामताड़ा
जामताड़ा थाना क्षेत्र के गोपालपुर पंचायत अंतर्गत शहरबेरा आदिवासी बहुल गांव में मंगलवार सुबह वज्रपात ने भारी तबाही मचाई। सुबह करीब 11:00 बजे तेज बारिश के साथ गिरी बिजली की चपेट में आने से आधा गांवप्रभावित हो गया। इस दर्दनाक हादसे में बेंगलुरू से कुछ दिन पहले ही काम करके घर लौटे एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हैं। वहीं, 50 से अधिक ग्रामीणों को बिजली का आंशिक झटका लगा है। 
घर का एस्बेस्टस चीरते हुए अंदर गिरी बिजली
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह जब तेज बारिश हो रही थी, तब गांव के प्रदीप पावरिया और उनकी मौसी बहा मुनी पावरिया अपने एस्बेस्टस की छत वाले घर में बैठे थे। मृतक प्रदीप पावडिया आजीविका कमाने के लिए बेंगलुरू गए हुए थे और हाल ही में काम करके अपने घर वापस लौटे थे। इसी दौरान अचानक कड़कड़ाती हुई बिजली सीधे एस्बेस्टस को चीरते हुए घर के अंदर जा गिरी। इस घटना में दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। ठीक इसी समय पास के एक अन्य घर में भी वज्रपात का असर दिखा, जिसकी चपेट में आने से बैद्यनाथ बास्की की पत्नी सरस्वती मरांडी भी गंभीर रूप से घायल हो गईं। 
खराब रास्ते के कारण खटिया पर ढोने पड़े मरीज
हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए 108 एंबुलेंस को सूचना दी। हालांकि, गांव की सड़क अत्यंत जर्जर होने के कारण एंबुलेंस गांवके भीतर तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए तीनों घायलों को खटिया पर लादकर पैदल ही मुख्य रास्ते तक पहुँचाया। वहाँ से एंबुलेंस के ज़रिए तीनों को आनन-फानन में जामताड़ा सदर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने प्रदीप पावरिया पिता: सुधीर पावरिया को मृत घोषित कर दिया, जबकि बहा मुनी और सरस्वती मरांडी का इलाज डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा है। 
दर्जनों ग्रामीणों को लगा झटका, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नष्ट
वज्रपात का असर इतना जोरदार था कि गांव के 50 से अधिक लोगों को करंट का हल्का झटका महसूस हुआ। आकाशीय बिजली गिरने से दो घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके अलावा, ग्रामीणों के घरों की बिजली वायरिंग जल गई और कई घरों के पंखे व लाइटें भी उड़ गईं, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। इस घटना के बाद से पूरे गांवमें कोहराम मच गया है और मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। .jpeg)
मुखिया ने पीड़ितों का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही गोपालपुर पंचायत के मुखिया सरोज हेम्ब्रम तुरंत सदर अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। मुखिया ने बताया कि प्रारंभिक सूचना के अनुसार 10 से 12 लोगों को हल्का झटका लगा था, लेकिन प्रभावितों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि गांवमें कई और लोग भी इसकी चपेट में आए हैं। प्रशासन से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की जा रही है।