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जामताड़ा : 4 महीने से मानदेय न मिलने पर भड़के स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्सिंग कर्मी, आंदोलन का बिगुल फूंका

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जामताड़ा
जामताड़ा में स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब दे गया है. पिछले चार महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं होने के विरोध में रविवार को सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष कर्मियों ने एक दिवसीय बैठक की और सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया. यह बैठक संघ के जिला अध्यक्ष राहुल तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी.
​झारखंड राज्य चिकित्सा, स्वास्थ्य कर्मचारी महासंघ का मिला समर्थन
इस आंदोलन को झारखंड राज्य चिकित्सा, स्वास्थ्य कर्मचारी महासं' भी खुलकर आउटसोर्सिंग कर्मियों के समर्थन में आ गया. मौके पर मौजूद महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद प्रसाद ने सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि सरकार की गलत और लचर नीतियों का खामियाजा इन गरीब आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है. अरविंद प्रसाद ने मांग की कि यदि सरकार चाहे तो स्वास्थ्य विभाग में इन सभी कर्मियों की नियमित बहाली कर उन्हें स्थायी रोजगार से जोड़ सकती है. उन्होंने चेतावनी दी कि महासंघ इस शोषण के खिलाफ और कर्मियों की नियमित बहाली के लिए सड़क से लेकर रांची तक आर-पार की लड़ाई लड़ेगा.
​बैठक में ये रहे मुख्य रूप से उपस्थित
इस विरोध प्रदर्शन और बैठक में भारी संख्या में आउटसोर्सिंग कर्मचारी और संघ के पदाधिकारी शामिल हुए. अपनी मांगों को बुलंद करने वालों में मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष राहुल तिवारी, विमल भैया, नवल सिंह, आदि कुमार, शेखर कुमार, और रोहित दास समेत कई अन्य कर्मी उपस्थित थे. कर्मचारियों का साफ कहना है कि जब तक उनके बकाए मानदेय का भुगतान नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा.

 

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