जामताड़ा
जामताड़ा की "गोल्डन गर्ल" दिवाषी हेंब्रम जब अंतरराष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर अपने गृह क्षेत्र कुंडहित पहुंचीं, तो नजारा देखने लायक था। "भारत माता की जय" के नारों और ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच, जैसे ही दिवाषी ने अपने गांव की मिट्टी पर कदम रखा, पूरा इलाका झूम उठा। अपनी लाड़ली बेटी की इस स्वर्णिम सफलता पर मां की ममता भी छलक उठी और उन्होंने पारंपरिक अंदाज में अपनी बेटी का स्वागत किया। इस मौके पर प्रखंड प्रशासन और ग्रामीणों ने मिलकर दिवाषी का पलक-पावड़े बिछाकर अभिनंदन किया, जिससे पूरा कुंडहित क्षेत्र उत्सव के माहौल में डूब गया।
फूल-मालाओं से स्वागत और मंदिर में दर्शन
स्वागत समारोह में बीडीओ जमाले राजा और थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने दिवाषी को पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ दिवाषी अपने परिवार और समर्थकों के साथ कुंडहित बाजार का भ्रमण करते हुए माता सिंहवाहिनी मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान पूर्व जिप सदस्य भजहरी मंडल, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष अपिश्वर हेंब्रम और विधायक प्रतिनिधि शरम मंडल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

प्रशासन ने बताया 'झारखंड का गौरव'
बीडीओ जमाले राजा ने कहा कि दिवाषी की यह उपलब्धि केवल जामताड़ा ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड और देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि एक ग्रामीण परिवेश की बेटी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती। यह सफलता आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
सफलता का श्रेय और भविष्य की मांग
अपनी कामयाबी पर भावुक होते हुए दिवाषी ने इसका श्रेय अपने माता-पिता और जामताड़ा कोच एसोसिएशन के अधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा, "एसोसिएशन के सहयोग के बिना यह सफर मुमकिन नहीं था।" गौरतलब है कि जनवरी 2026 में गोवा में आयोजित राष्ट्रीय राइफल शूटिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर दिवाषी ने अपनी इस स्वर्णिम उड़ान की शुरुआत की थी। दिवाषी ने अपनी आदिवासी बहनों और साथियों को कड़ी मेहनत करने की प्रेरणा दी। साथ ही, उन्होंने झारखंड सरकार से मांग की कि गरीब आदिवासी बेटियों को खेल में आगे बढ़ाने के लिए जिला स्तर पर कोच और बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं की व्यवस्था की जाए। दिवाषी की इस उपलब्धि से पूरे प्रखंड में हर्ष का माहौल है।