जामताड़ा
अदालत ने पत्नी को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के गंभीर मामले में आरोपी पति रिंकू रवानी को दोषी पाते हुए 6 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधा कृष्ण की अदालत ने मंगलवार को दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने सजा के साथ-साथ दोषी पर 5,000 रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। यदि दोषी इस अर्थदंड की राशि को जमा नहीं करता है, तो उसे 18 महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। फैसला सुनाए जाने के तुरंत बाद पुलिस ने दोषी को न्यायिक हिरासत में लेते हुए वापस मंडल जेल भेज दिया।
क्या है पूरा मामला?
यह दर्दनाक घटना 2 नवंबर 2022 की है। कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के थडारडीह निवासी रिंकू रवानी की पत्नी होलिका देवी ने कथित तौर पर प्रताड़ना से तंग आकर अपने ऊपर केरोसिन तेल छिड़ककर आग लगा ली थी। इस घटना में वह गंभीर रूप से झुलस गई थीं और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था। घटना के बाद मृतका के पिता और बाबूडीह निवासी चूड़ामणि रवानी ने कर्माटांड़ थाने में दामाद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने कर्माटांड़ थाना कांड संख्या 107/2022 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
कोर्ट की कार्यवाही और अहम बिंदु
अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी पति को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 306 आत्महत्या के लिए उकसाना के तहत दोषी पाया। इस मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए सरकार की ओर से कुल 20 गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया, जिनकी गवाही इस सजा का मुख्य आधार बनी। कोर्ट ने पूर्व में 12 जून को ही आरोपी को दोषी ठहरा दिया था और सजा की अवधि तय करने के लिए 16 जून (मंगलवार) की तारीख मुकर्रर की थी। इस पूरे मामले में सरकार की तरफ से पब्लिक प्रोसिक्यूटर सोनी कुमारी ने पुरजोर बहस की और पीड़िता के पक्ष में दलीलें पेश कीं।