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कई जिलों में 108 एंबुलेंस चालकों को होने लगा भुगतान, स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले के चालक महीनें से परेशान

कई जिलों में 108 एंबुलेंस चालकों को होने लगा भुगतान, स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले के चालक महीनें से परेशान

द फॉलोअप, जामताड़ा:

झारखंड में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ माने जाने वाली 108 एंबुलेंस के चालकों और कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। पिछले लगभग चार महीनों से मानदेय (वेतन) न मिलने के कारण कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। इधर, जामताड़ा में 108 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को मानदेय के शीघ्र भुगतान को लेकर सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र कुमार मिश्र को एक मांग पत्र सौंपा। एम्बुलेंस चालकों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि अगले दो दिनों के भीतर उनके बकाया मानदेय का भुगतान नहीं किया गया, तो वे मजबूरन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। यदि कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं, तो पूरे जामताड़ा जिले में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप होने की गंभीर आशंका बन गई है।

गंभीर आर्थिक संकट

108 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र रवानी के नेतृत्व में दर्जनों चालक सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचे। चालकों ने अपनी पीड़ा बयां करते हुए बताया कि उन्हें जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर कुल चार महीनों का मानदेय अब तक नहीं मिला है। एंबुलेंस कर्मियों को 'सम्मान फाउंडेशन' नामक एजेंसी के माध्यम से मानदेय का भुगतान किया जाता है। लगातार चार महीने से वेतन न मिलने के कारण चालकों के सामने अपने परिवारों का भरण-पोषण करने, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक खर्च चलाने में काफी गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि राज्य के कुल 19 जिलों में 108 एंबुलेंस कर्मियों के बकाया मानदेय का भुगतान किया जा चुका है, लेकिन जामताड़ा जिले में इसे अब तक अटका कर रखा गया है। चालकों का कहना है कि जामताड़ा राज्य के स्वास्थ्य मंत्री का गृह जिला है, इसके बावजूद यहां के स्वास्थ्य कर्मियों को अपने हक के पैसों के लिए दर-दर भटकना और परेशान होना पड़ रहा है।

सिविल सर्जन मांगों को पूरी तरह जायज ठहराया

मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र कुमार मिश्र ने कर्मचारियों की मांगों को पूरी तरह जायज ठहराया। उन्होंने कहा कि 108 एंबुलेंस सेवा स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ है और इसके बिना मरीजों तक आपातकालीन सहायता पहुंचाना संभव नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संबंधित एजेंसी-कंपनी को तुरंत पत्र भेजकर बकाया भुगतान प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया जाएगा। इसके अलावा, चालकों ने कई एंबुलेंस वाहनों के खराब पड़े होने और उनके रखरखाव की समस्या भी उठाई, जिस पर सिविल सर्जन ने सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया। इस दौरान दयानंद चंद, रितेश चौधरी, राजू पंडित, पानमाली पंडित, आलोक कुमार यादव, मलिक कुमार यादव, पशुपति मंडल, तप मित्र, चिन्मय मंडल, वीरेंद्र पंडित, कंचन पंडित, मणिलाल पंडित, राजीव पंडित, तपन पंडित समेत बड़ी संख्या में 108 एंबुलेंस चालक और कर्मचारी उपस्थित थे।

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