जमशेदपुर
जमशेदपुर के बिष्टुपुर इलाके में स्थित डबल डाउन बार के बाहर हुई हिंसक घटना के बाद शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। धालभूम के अनुमंडल दंडाधिकारी अर्नव मिश्रा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-163 के तहत बिष्टुपुर, सोनारी, कदमा, एमजीएम और मानगो थाना क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू करने का आदेश जारी किया है। 3 जुलाई को रात 10 बजे तक निषेधाज्ञा लागू रहेगी। प्रशासन के अनुसार डीडी बार के बाहर हुई घटना के बाद कुछ संगठनों द्वारा 3 जुलाई को प्रदर्शन, आमसभा और जमशेदपुर बंद का आह्वान किया गया है। इससे शांति एवं विधि-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए एहतियातन यह निर्णय लिया गया है।

पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक
निषेधाज्ञा के दौरान संबंधित थाना क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के धरना, प्रदर्शन, रैली, जुलूस, आमसभा और पुतला दहन पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना ध्वनि विस्तारक यंत्र (लाउडस्पीकर) के उपयोग की भी अनुमति नहीं होगी। आदेश के तहत उपद्रव या शांति भंग करने की आशंका वाले स्थानों पर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाई गई है। सरकारी एवं गैर-सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारी, पुलिस बल, दंडाधिकारी, चिकित्साकर्मी, बारात में शामिल लोग, शव यात्रा तथा पूजा-अर्चना जैसे धार्मिक कार्यों में शामिल लोगों को इस निषेधाज्ञा से छूट दी गई है।

पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों से जुड़े आयोजन निषेधाज्ञा से अलग
वहीं प्रशासन ने लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा, भाला समेत किसी भी प्रकार के हथियार लेकर चलने अथवा उनका सार्वजनिक प्रदर्शन करने पर भी प्रतिबंध लगाया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कुछ धार्मिक जुलूसों तथा नेपाली समुदाय के पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों से जुड़े आयोजनों को इस निषेधाज्ञा से अलग रखा गया है। साथ ही, संबंधित व्यक्तियों को व्यक्तिगत रूप से नोटिस तामील कराना संभव नहीं होने के कारण यह आदेश एकपक्षीय रूप से जारी किया गया है।