रांची
झारखंड हाईकोर्ट में आज जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति बनाम राज्य सरकार एवं अन्य मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास पर्षद की ओर से प्रस्तुत संशोधित योजना प्रारूप (Amendment Draft Scheme) पर विचार किया गया। यह मामला पुरानी समिति से संबंधित है। मिली खबर में बताया गया है कि हाईकोर्ट ने श्री जगन्नाथपुर मंदिर के व्यापक हित तथा सभी संबंधित हितधारकों के समुचित प्रतिनिधित्व और सहभागिता को ध्यान में रखते हुए झारखंड के महाधिवक्ता की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने का निर्देश दिया है। समिति का उद्देश्य विभिन्न हितधारकों से विचार-विमर्श कर Draft Scheme को अंतिम रूप देना और इसे 3 सितंबर 2026 से पहले हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करना है।

समिति का उद्देश्य मंदिर की नई प्रबंधन समिति का गठन करना नहीं
कोर्ट ने कहा, इस संबंध में कुछ समाचारों में कहा जा रहा है कि हाईकोर्ट ने मंदिर के प्रबंधन के लिए किसी “नई समिति” के गठन का आदेश दिया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह प्रस्तुतीकरण वस्तुस्थिति के अनुरूप नहीं है। यह स्पष्ट किया गया है कि हाईकोर्ट द्वारा गठित या निर्देशित समिति का उद्देश्य मंदिर की नई प्रबंधन समिति का गठन करना नहीं है। इसका उद्देश्य प्रस्तावित Draft Scheme को तैयार और परिष्कृत करने के लिए सभी संबंधित हितधारकों के विचारों को शामिल करते हुए एक समग्र योजना प्रारूप तैयार करना है। इस तरह Draft Scheme तैयार करने के लिए गठित समिति और मंदिर की प्रबंधन समिति दो अलग-अलग विषय हैं। हाईकोर्ट के निर्देश को इसी परिप्रेक्ष्य में समझा और प्रस्तुत किया जाना अपेक्षित है।
