सरायकेला
झारखंड में JAC इंटर का रिजल्ट जारी हुए कई दिन बीत चुके हैं. कहीं छात्र खुशी मना रहे हैं, कहीं मिठाइयां बंट रही हैं, तो कहीं भविष्य की नई तैयारी शुरू हो चुकी है. लेकिन सरायकेला-खरसावां जिले का एक ऐसा कॉलेज भी है, जहां करीब 600 छात्र-छात्राएं अब भी अपने रिजल्ट का इंतजार ऐसे कर रहे हैं, जैसे कोई सरकारी फाइल मंजूरी के लिए दफ्तर-दफ्तर घूम रही हो. मामला चांडिल अनुमंडल के नीमडीह प्रखंड स्थित आदरडीह के JKSJM इंटर कॉलेज का है, जहां कला, वाणिज्य और विज्ञान, तीनों संकाय के विद्यार्थियों का रिजल्ट अब तक जारी नहीं हुआ है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि रिजल्ट आया है या रास्ता भूल गया है?
नंबर और मार्कशीट के जगह प्रिंसिपल से संपर्क करें का आया संदेश
बता दें, 6 मई को JAC ने पूरे राज्य का इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम जारी किया. लाखों छात्र-छात्राओं ने अपना रिजल्ट देखा, सोशल मीडिया पर पोस्ट डाले और परिवार वालों ने बधाइयां दीं. लेकिन JKSJM इंटर कॉलेज के छात्रों के हिस्से में आया सिर्फ इंतजार. छात्रों ने नाम नहीं लेने के शर्त पर बताया कि जब वह वेबसाइट पर अपना परिणाम देखने की कोशिश कर रहे थे तब नंबर और मार्कशीट की जगह स्क्रीन पर एक संदेश चमक उठा प्रिंसिपल से संपर्क करें. ऐसे में बच्चे जब प्रिंसिपल से संपर्क करने पहुंचे और मामला बताया, तो उन्हें कहा गया कि यूजर आईडी और पासवर्ड में तकनीकी गड़बड़ी है. कल सुबह 9 बजे तक सब ठीक हो जाएगा.

रिजल्ट नहीं होने से छात्र नहीं ले पा रहे दूसरे कॉलेज में एडमिशन
रिजल्ट की उम्मीद में सभी बच्चे अगले दिन सुबह 9 बजे का इंतजार करने लगे. लेकिन उनकी उम्मीद अगले दिन भी पूरी नहीं हुई. छात्र अगले दिन भी इंतजार करते रहे, फिर अगले दिन, और फिर अगले दिन, लेकिन रिजल्ट आज भी कमिंग सून मोड में अटका हुआ है. अब हालात ऐसे हो गए हैं कि छात्रों की चिंता सीधे उनके एडमिशन तक पहुंच गई है. दूसरे कॉलेजों में नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, फॉर्म भरे जा रहे हैं और सीटें भर रही हैं. लेकिन JKSJM कॉलेज के छात्र सोच रहे हैं कि बिना रिजल्ट के आखिर दाखिला लें तो लें कैसे? छात्रों का कहना है कि कई दिनों से उन्हें सिर्फ आज-कल कहकर टाला जा रहा है. रिजल्ट नहीं आने से उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है.
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इंटरनल मार्क्स में गड़बड़ी के कारण रोका गया रिजल्ट: प्रिंसिपल
वहीं, कॉलेज के प्रिंसिपल का कहना है कि मामले को लेकर JAC कार्यालय से संपर्क किया गया है और जरूरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. उन्होंने भरोसा दिलाया है कि सोमवार तक रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा. प्रिंसिपल के मुताबिक, इंटरनल मार्क्स के सही मिलान नहीं होने की वजह से रिजल्ट रोका गया था. लेकिन सवाल ये उठता है कि अगर इंटरनल मार्क्स में गड़बड़ी थी, तो इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं हुई? और ऐसी कैसी मिसमैच हुई कि पूरे कॉलेज के करीब 600 छात्रों का भविष्य ही होल्ड पर चला गया? गौरतलब है कि नीमडीह प्रखंड पहले भी शिक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा में रह चुका है. हाल ही में इसी क्षेत्र से आठवीं बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों के वंचित रहने का मामला भी सामने आया था. ऐसे में लगातार सामने आ रही शैक्षणिक अव्यवस्थाएं विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा रही हैं.