द फॉलोअप डेस्क
राज्यपाल द्वारा 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति विधेयक को स्वीकृति प्रदान नही करने एवं सरकार को वापस करने के निर्णय का राज्यहित में उचित व स्वागत योग्य कदम है। ये बातें अखिल भारतीय भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका मंच के अध्यक्ष कैलाश यादव ने कही। उन्होंने कहा की राज्यपाल के सुझाव पत्र पर हेमंत मंत्रीमंडल द्वारा उंगली उठाना गलत व अलोकतांत्रिक है।

प्रदेश संविधान और कानून व्यवस्था से चलता है
मंच के अध्यक्ष कैलाश यादव ने कहा कि देश प्रदेश संविधान और कानून व्यवस्था से चलता है, भारतीय संविधान लोगो को इजाजत देता है कि देश के किसी प्रदेश में भारतीय निवास कर सकते हैं नौकरी पेशा रोजी रोजगार शिक्षा दीक्षा प्राप्त कर सकते हैं। यादव ने कहा कि राज्यपाल राज्य के मार्गदर्शक एवं अभिभावक होते हैं सरकार अगर मेजॉरिटी के खिलाफ कोई असंवैधानिक विधेयक पास करेगी तो राज्यपाल द्वारा तथ्य के साथ नियम संगत सुझाव देना उचित कदम होता है,ऐसे में हेमंत सरकार द्वारा राज्यपाल पर सवाल उठाया जाना एवं चुनौती देना बिल्कुल अलोकतांत्रिक तथा अनुचित कदम है। मंच की मांग है कि झारखंड निर्माण दिवस 15 नवंबर 2000 स्थानीयता का आधार तय किया जाय।

ये थे मौजूद
बैठक में उपेंद्र सिंह सुबोध ठाकुर बबन सिंह रामकुमार सिंह, द्वारिका प्रसाद, सतनारायण सिंह, सुनील पांडेय, अनिल तिवारी, चंद्रिका यादव, राजकिशोर सिंह, नवलकीशोर मंडल, ज्ञानरंजन सिंह, कामेश्वर मिश्रा, मिथलेश पासवान, केदार प्रसाद, प्रमोद चौधरी, लालबाबू सिंह, सुरेश राय, राहुल कुमार, श्रीवास्तव बबलू, पंडित कृष्णाकांत पांडेय, संजय यादव, लवली सिंह, जैनेंद्र कुशवाहा, उमेश यादव सहित अन्य लोग मौजूद थे।