द फॉलोअप डेस्क
आज चौपारण की सड़कों पर भक्ति, आस्था और सांस्कृतिक समरसता का अनुपम दृश्य देखने को मिला। इस्कॉन (ISKCON) द्वारा आयोजित भव्य रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य झांकियों के साथ हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े।
रथ यात्रा की शुरुआत पारंपरिक रीति से हुई, जब राजा रामगढ़ के वंशज उदयभान नारायण सिंह ने परंपरा का निर्वहन करते हुए सड़क पर झाड़ू लगाकर यात्रा का शुभारंभ किया। यह दृश्य आस्था और परंपरा के अद्भुत समागम का प्रतीक बना। रथ यात्रा में जहां स्थानीय श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था, वहीं विदेशी महिला भक्तों ने कीर्तन और नृत्य के माध्यम से समा बांध दिया। यह नज़ारा भक्तों के लिए किसी आध्यात्मिक पर्व से कम नहीं था।
रथ के साथ निकली दर्जनों झांकियां अलग-अलग धार्मिक और सांस्कृतिक संदेश दे रही थीं, जो विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी शामिल थे। इस आयोजन में कई नेता भी शामिल हुए जिनमें हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल, बरही विधायक मनोज यादव ने रथ यात्रा में भाग लेकर श्रद्धा प्रकट की,उन्होंने इसे समाज को जोड़ने वाला और सांस्कृतिक धरोहर को संजोने वाला आयोजन बताया।
बरही विधायक मनोज यादव ने बताया कि चौपारण में इस रथ यात्रा की शुरुआत तीन वर्ष पूर्व हुई थी, और आज यह आयोजन पूरे झारखंड में प्रसिद्ध हो चुका है। उन्होंने आगे कहा की ऐसे धार्मिक आयोजनों से युवाओं को आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है, और समाज में संस्कार और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ती है।"
इतनी बड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जगह-जगह सुरक्षा बलों की तैनाती, ड्रोन कैमरों से निगरानी और मेडिकल टीम की व्यवस्था ने इस कार्यक्रम को सफल और सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभाई।
