द फॉलोअप डेस्क
भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने अपने चुटीले अंदाज में सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार अपने ही वादे को भूल गयी। जनता से वादा कुछ करती है और काम कुछ करती है। उन्होंने कहा कि हम सरकार के वादे की याद दिलाते हैं। राज्य सरकार ने कहा था कि गैरमजरुआ खास भूमि की रसीद कटेगी। बिक्री होगी। जिसकी इस प्रकृति की जमीन पर कब्जा है, उसका म्युटेशन होगा।

तिवारी ने कहा कि झारखंड हाईकोर्ट ने गैरमजरुआ खास जमीन की रसीद काटने और उसकी खरीद-बिक्री पर लगे प्रतिबंध को निरस्त कर दिया था। हाईकोर्ट के डबल बेंच ने यह आदेश दिया। लेकिन सरकार अपने वादे से मुकरते हुए हाईकोर्ट के फैसले के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट चली गयी। उन्होंने अविभाजित बिहार के एक गजट नोटिफिकेशन की भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस नोटिफिकेशन में जिस जमीन पर जिसका कब्जा है, उसका म्युटेशन किए जाने का आदेश है। लेकिन यहां तो एक ही खाते में अगर चार प्लॉट है तो दो का म्युटेशन हो गया है और दो के लिए गरीब आदिवासी भटक रहा है।
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यहां मालूम हो कि द फॉलोअप ने दो दिन पूर्व हाईकोर्ट के फैसले के विरुद्ध राज्य सरकार के सुप्रीम कोर्ट जाने संबंधी खबर दी थी। इसमें बताया था कि हाईकोर्ट ने क्या फैसला दिया है और उसके विरुद्ध भू-राजस्व विभाग ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर किया है। राज्य सरकार के सुप्रीम कोर्ट जाने से उन हजारों रैयतों के सामने विस्थापन की समस्या उत्पन्न हो गयी है।
