logo

नाबालिग का अपहरण और दुष्कर्म मामले में जामताड़ा कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा

रोसो.jpg

द फॉलोअप डेस्क
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए हुई दोस्ती के बाद एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में जामताड़ा की अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) अजय कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने पश्चिम बंगाल के कुल्टी निवासी सूरज टांडी को पोक्सो एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर कुल 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। आरोपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सजा सुनाई गई, क्योंकि वह पहले से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है।

पोक्सो एक्ट की अलग-अलग धाराओं में हुई सजा

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों के साथ प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन किया। इसके बाद आरोपी को पोक्सो एक्ट की धारा 4 और धारा 6 के तहत दोषी पाया गया। न्यायालय ने धारा 4 के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर छह माह की अतिरिक्त कैद का प्रावधान रखा गया है। वहीं धारा 6 के तहत आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में एक वर्ष की अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।

इंस्टाग्राम से हुई पहचान, चेन्नई ले जाकर बनाया बंधक

यह मामला जामताड़ा थाना कांड संख्या 96/2024 के रूप में दर्ज किया गया था। प्राथमिकी पीड़िता के पिता की शिकायत पर दर्ज हुई थी। शिकायत के अनुसार आरोपी सूरज टांडी की पहचान नाबालिग लड़की से इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी। समय के साथ दोनों के बीच फोन पर बातचीत शुरू हो गई। इसी दौरान 7 जून 2024 को लड़की अचानक अपने घर से लापता हो गई। परिजनों की तलाश के बाद पता चला कि आरोपी उसे जामताड़ा स्टेशन से अपने साथ लेकर चेन्नई चला गया था। आरोप है कि वहां उसने पीड़िता को बंधक बनाकर रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया।

सात गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सुनाया फैसला

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष सात महत्वपूर्ण गवाहों को पेश किया। गवाहों के बयान, जांच रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने 20 जून को आरोपी को दोषी ठहरा दिया था। इसके बाद सजा के निर्धारण के लिए 23 जून की तिथि तय की गई थी। मंगलवार को अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषसिद्ध मानते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत के इस फैसले को बाल अपराध और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

Tags - Jamtara POCSO Crime Court Jharkhand