रांची:
रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने वाले दोनों हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने दोनों युवकों को 17-18 जून की दरम्यानी रात उस समय गिरफ्तार किया, जब वे ट्रेन से भागने की फिराक में थे। गिरफ्तारी के बाद दोनों हमलावरों से पूछताछ जारी है। पुलिस जानना चाहती है कि हमले का मुख्य साजिशकर्ता कौन था और इसके पीछे मंशा क्या थी। गौरतलब है कि मंगलवार की देर रात को आरएसएस कार्यालय में पेट्रोल बम से हमला हुआ था। इसमें से एक बम दफ्तर के अहाते में गिरकर फटा और दूसरा चाहरदीवारी के बाहर ही गिर गया था। हमले के समय प्रांत प्रचारक दफ्तर में मौजूद थे।

बुधवार को चार-पहिया वाहन जब्त किया
पुलिस ने बुधवार को ही घटना में इस्तेमाल किया गया चारपहिया वाहन जब्त किया था। कार चालक से पूछताछ में पता चला कि हमलावरों ने वाहन किराए पर लिया था। तपोवन मंदिर के समीप युवकों ने कार चालक से कहा था कि वे 1 व्यक्ति से मिलकर आते हैं। बताया जाता है कि यहीं से दोनों आरोपी आरएसएस दफ्तर पहुंचे और पेट्रोल बम फेंका। हमले को अंजाम देने के बाद दोनों कांके रोड की ओर भागे थे।

भाजपा नेताओं ने हमले की निंदा की थी
भारतीय जनता पार्टी के वरीय नेताओं मसलन, रघुबर दास, बाबूलाल मरांडी और संजय सेठ ने रांची पुलिस से विशेष एसआईटी बनाकर मामले की जांच की मांग की थी। रघुबर दास ने कहा था कि संयुक्त बिहार और फिर झारखंड गठन के पिछले 26 साल में भी कभी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दफ्तर में ऐसा हमला नहीं हुआ। उन्होंने हमले को जिहादी मानसिकता की करतूत करार दिया था। केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने कहा था कि उन्होंने इस विषय पर उपायुक्त से बातचीत की है।
रघुबर दास ने इस मुद्दे पर डीजीपी से बातचीत की। एनआईए की टीम ने भी मामले में छानबीन की। अब युवकों से पूछताछ पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।