द फॉलोअप डेस्क
आदिवासी सेंगेल अभियान देश के 5 राज्यों में 11 फरवरी से रेल, रोड चक्का जाम आंदोलन करेगा। इसकी घोषणा आदिवासी सेंगेल अभियान के सुप्रीमो सालखन मुर्मू ने जामताड़ा में की। सालखन मुर्मू ने रविवार को जामताड़ा में प्रेस वार्ता किया। उन्होंने घोषणा किया कि पारसनाथ पर्वत जो आदिवासियों का मरांग बुरू है। उसे आदिवासियों के सुपुर्द करने और सरना धर्म को मान्यता देने की मांग को लेकर आदिवासी सेंगेल अभियान के बैनर तले बिहार ,बंगाल, झारखंड ,उड़ीसा और असम में 11 फरवरी से अनिश्चितकालीन चक्का जाम किया जाएगा। कहा चक्का जाम के माध्यम से सरकार को इन दोनों मांगों को लेकर बहुपक्षीय वार्ता करने का आग्रह करेंगे।

सरना धर्म कोड को 2023 में लेने के लिए मशाल जुलुस
सालखन मुर्मू ने कहा कि पारसनाथ पहाड़ पर पहला हक आदिवासियों का है। जिसे झारखंड सरकार ने जैनियों के सुपुर्द कर दिया है, जो निहायत ही गलत है। इसके अलावा सरना धर्म हम लोग आदिवासी शुरू से ही मानते आ रहे हैं। हम लोग मूर्तिपूजक नहीं है हम लोग प्रकृति पूजक हैं। लेकिन अभी तक सरकार द्वारा हम लोगों को सरना धर्म कोड की मान्यता नहीं दी गयी है, जो आदिवासियों के साथ एक तरह से बहुत बड़ा धोखा भी है। उन्होंने कहा कि अनिश्चितकालीन रेल रोड चक्का जाम के बाद भी यदि सरकार नहीं चेती तो आंदोलन लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा 30 जनवरी को झारखंड, बंगाल, बिहार, उड़ीसा, असम के लगभग 50 जिले मुख्यालयों में मरांग बुरू को बचाने के लिए और सरना धर्म कोड को 2023 में हर हाल में लेने के लिए मशाल जुलुस निकाला जायेगा।साथ ही राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया जायेगा। मौके पर सुमित्रा मुर्मू सहित अन्य मौजूद थे।

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