द फॉलोअप डेस्क, रांची:
हेमंत कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को झारखंड में और 100 स्कूलों को सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। कैबिनेट सचिव ने जानकारी दी है कि इसमें कुल 721 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। प्रस्तावित राशि को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। गौरतलब है कि झारखंड में पहले से 80 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस संचालित हैं। इस बीच कैबिनेट ने फैसला किया है कि एससी, एसटी, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों में पढ़ाने के लिए तात्कालिक व्यवस्था के तहत सर्विस प्रोक्योरमेंट के आधार पर अंशकालीन शिक्षकों से काम लिया जायेगा। इन शिक्षकों को अवधि विस्तार देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली।
आदर्श विद्यालय योजना के अंतर्गत पूर्व से संचालित 80 विद्यालयों के अतिरिक्त राज्य के 100 विद्यालयों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय (CM School of Excellence) के रूप में विकसित करने की स्वीकृति एवं इस हेतु ₹7,21,43,25,000 मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति…
— Office of Chief Minister, Jharkhand (@JharkhandCMO) August 25, 2026
1/3 pic.twitter.com/sBlD4OLKq2
CBSE बोर्ड की तर्ज पर गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई
गौरतलब है कि सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में सीबीएसई बोर्ड के तर्ज पर अंग्रेजी माध्यम में पठन-पाठन का काम होता है। यहां स्मार्ट क्लासरूम, साइंस लैब, लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं मौजूद है। प्रशिक्षित शिक्षकों को यहां विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए नियुक्त किया जाता है। सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में दाखिला प्रवेश परीक्षा के जरिए मिलता है।

क्या है झारखंड की आदर्श विद्यालय योजना
गौरतलब है कि झारखंड की आदर्श विद्यालय योजना के तहत सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस को विकसित किया जाता है। सरकार ने चयनित सरकारी स्कूलों को उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है, जिनमें जिला स्कूल, बालिका विद्यालय, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय और मॉडल स्कूलों को शामिल किया गया है।
वर्ष 2022 में राज्य सरकार ने चयनित स्कूलों को CBSE एफिलिएशन प्राप्त करने की अनुमति दी थी। अभी झारखंड में 80 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस संचालित हैं।