गढ़वा
गढ़वा जिले एक पिता ने अपनी ही बेटी को मौत के घाट उतार दिया. केतार थाना क्षेत्र में अपनी ही 17 वर्षीय बेटी की गला घोंटकर पिता ने उसकी हत्या कर दी. उसने अपनी बेटी की शादी राजस्थान में तय की थी. लेकिन बेटी इसका विरोध कर रही थी. ऐसे में गुस्से में उसने अपनी बेटी की हत्या कर दी. पुलिस ने इस मामले में पिता को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. बता दें यह मामला केतार थाना क्षेत्र के परती कुशवानी गांव का है. मृतका की पहचान आकृति कुमारी (17 वर्ष) के रूप में की गई है. जानकारी के अनुसार, 19 मई को गांव में निर्मल सिंह के घर से तेज दुर्गंध आने की सूचना पुलिस को मिली थी. सूचना के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची और मृतका के भाई अविनाश कुमार सिंह की मौजूदगी में घर का ताला खोला गया. अंदर आकृति का शव चित अवस्था में पड़ा हुआ मिला, जो सड़-गल चुका था.
शादी के लिए इनकार किया कर दी हत्या
27 मई को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने खरौंधी थाना क्षेत्र के बजरमरवा के पास घेराबंदी की. इसी दौरान निर्मल सिंह उत्तर प्रदेश के कोन क्षेत्र से पैदल आता हुआ दिखाई दिया. पुलिस वाहन को देखकर वह भागने लगा, लेकिन पुलिस बल की तत्परता से उसे दौड़ाकर पकड़ लिया गया. गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया. उसने बताया कि वह राजस्थान में काम करता था और वहीं एक युवक से अपनी बेटी आकृति की शादी तय कर चुका था. लेकिन आकृति इस शादी के लिए तैयार नहीं थी और अपने गांव में ही रहना चाहती थी.
सो रही बेटी का रस्सी से घोंट दिया गला
आरोपी के अनुसार, वह अपनी बेटी को राजस्थान ले जाने के लिए घर आया था, लेकिन उसके मना करने और जिद पर अड़े रहने से वह नाराज हो गया. इसी गुस्से में उसने सो रही बेटी का रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी. घटना के बाद उसने घर में ताला बंद किया और फरार हो गया. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और पारिवारिक रिश्तों को शर्मसार कर दिया है.
बेटी को मारने के बाद राजस्थान भाग गया था पिता
घटना की सूचना पर अविनाश कुमार सिंह के बयान के आधार पर केतार थाना में मामला दर्ज किया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सत्येन्द्र नारायण सिंह के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया. जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्य और मानवीय सूचना के आधार पर यह पता चला कि इस मामले का मुख्य आरोपी, मृतका का पिता निर्मल सिंह, घटना को अंजाम देने के बाद राजस्थान फरार हो गया था. पुलिस को सूचना मिली कि वह जमानत कराने के उद्देश्य से गढ़वा लौट रहा है.