द फॉलोअप डेस्क
कभी कभी एक बेटे की गलती की सजा एक पिता को भुगतना पड़ता है। एक ऐसा ही मामला दुमका जिले से आया है, जहां ठगी के आरोप में गिरफ्तार बेटे की खबर सुनने के बाद एक पिता इतना आहत हुआ कि उसने चाय की एक दुकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। व्यक्ति के शव को नगर थाना पुलिस ने शुक्रवार की सुबह मौके पर पहुंचकर कब्जे में ले लिया। 
शव की पहचान करने के लिए लिए पॉकेट की जांच की तो आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस एवं बाइक की चाभी सहित अन्य कई दस्तावेज बरामद किये गए। जांच में पता चला कि मृतक पुरंदर सिंह देवघर जिला के करौं थाना अन्तर्गत सिंहपुर गांव के रहने वाले थे। और वे गुरुवार की शाम नगर थाना अपने बेटे चंदन कुमार सिंह से मिलने पहुंचे थे।.jpeg)
बता दें कि चंदन को नगर थाना की पुलिस द्वारा जेवरात लेने के नाम पर 8 हजार 100 रुपए की ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जिसकी खबर सुनते ही पिता देवघर से दुमका तक बाइक से मिले पहुंचे थे। इस घटना से वे इतने आहत हुए कि घर जाने के दौरान रास्ते में ही एक चाय दुकान पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। वहीं आनन-फानन में आरोपी बेटे को सुबह में ही कोर्ट में पेश करने के बाद केन्द्रीय कारागार भेज दिया। 
दरअसल चंदन ने गुरुवार की दोपहर श्रीरामपाड़ा चौक स्थित हरि ज्वेलर्स से करीब आठ हजार के जेवरात खरीदा था। और खरीदे गए जेवरात के पैसे दुकानदार को मोबाइल से ऑन लाइन ट्रांसफर किया। लेकिन जब महिला दुकानदार रितु वर्मा के खाते में पैसे नहीं पहुंचे तो उसने युवक से पैसों की मांग की। इस पर युवक ने कहा कि पैसे भेज दिए गए हैं। खाते में पैसे पहुंच जाएंगे। इतना बोलकर वह भागने लगा। जिसके बाद महिला के बेटे और देवर ने उसका पीछा कर पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।.jpg)
खबर मिलते ही पिता मौके पर पहुंचे और बेटे को खूब बुरा-भला सुनाया। उन्होंने कहा कि अब उसने समज में रहने लायक नहीं छोड़ा। अब काइसे वह किसी को अपना मुंह देखाएंगे। इस्तन कहकर वे वहाँ से निकाल गए और घटना को अंजाम दे दिया।