हजारीबाग
हजारीबाग से एक मामला सामने आया है, जहां आरा, बिहार के रहने वाले और वर्तमान में हजारीबाग में पेट्रोल पंप पर काम करने वाले बृजभूषण तिवारी ने वास्तु विहार के खिलाफ कंज्यूमर कोर्ट में केस दर्ज कराया है। बृजभूषण तिवारी ने बताया कि उन्होंने अपने जीवनभर की कमाई जोड़कर अपने सपनों का घर लेने का सपना देखा था। वास्तु विहार द्वारा उन्हें लगभग 44 लाख रुपये में एक घर देने का वादा किया गया था, और कहा गया कि महज 14 महीनों में उनका घर बनकर तैयार हो जाएगा। लेकिन 18 महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें अब तक घर नहीं मिला है।
इतना ही नहीं, निर्माण के दौरान अलग-अलग बहानों से अतिरिक्त पैसे की मांग की गई। कभी कहा गया कि 5 इंच की जगह 10 इंच की दीवार दी जा रही है, तो कभी यह बताया गया कि निर्माण में बिहार से लायी गई ईंट का उपयोग किया जा रहा है, जिसकी अलग से कीमत ली गई।

बृजभूषण का कहना है कि वे अब तक 34 लाख रुपये का भुगतान कर चुके हैं, लेकिन उन्हें जो निर्माण मिला है उसमें भारी अनियमितताएं हैं। दीवार, छत और कॉलम की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि भूकंप के हल्के झटके में भी यह घर ढह सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि जब उन्होंने घर कैंसिल करवाने की कोशिश की, तो कंपनी की ओर से किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं मिला। थक-हारकर उन्होंने कंज्यूमर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां उनका मामला केस संख्या 36/25 के तहत स्वीकार कर लिया गया है। बृजभूषण तिवारी का कहना है कि अब वह किसी भी सूरत में अपना पैसा ब्याज सहित वापस लेकर ही रहेंगे, और जब तक इंसाफ नहीं मिलता, तब तक लड़ाई जारी रखेंगे। जब इस पूरे मामले में ‘The FollowUp’ की टीम ने वास्तु विहार का पक्ष जानने की कोशिश की तो स्थल पर कोई मौजूद नहीं था और फोन पर भी कोई जवाब नहीं मिला।
