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हिमांशु सिंह की हत्या से भड़का बवाल, भीड़ ने SP की गाड़ी पर किया हमला; देर रात तक जाम रहा बिष्टुपुर गोलचक्कर

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द फॉलोअप डेस्क
जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित गोलचक्कर पर सोमवार की आधी रात तक तनाव और हंगामे का माहौल बना रहा। दरअसल, बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार के बाहर शनिवार रात पुलिस वैन से खींचकर चाकू से गोदे गए करणी सेना के युवा नेता हिमांशु कुमार सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई। हिमांशु की मौत की खबर मिलते ही करणी सेना के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में बिष्टुपुर गोलचक्कर पहुंच गए और सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान वहां से गुजरने की कोशिश करने वाले कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई। रात करीब 10:30 बजे स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सिटी एसपी मौके पर पहुंचे, लेकिन गोलचक्कर के पास पहुंचते ही उग्र भीड़ ने उनकी गाड़ी पर हमला कर दिया। इस दौरान इनकम टैक्स विभाग के पूर्व कमिश्नर की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त कर दी गई, जबकि बिष्टुपुर थाना की पुलिस गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई। किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए शहर के कई थानों की पुलिस मौके पर बुला ली गई।


पुलिस कार्रवाई और परिजनों से वार्ता के बाद हटा सड़क जाम

हंगामा बढ़ने और सिटी एसपी की गाड़ी पर हमले के बाद पुलिस सक्रिय हुई और उग्र भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश शुरू की। हालात सामान्य करने के लिए परिजनों के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया गया, लेकिन करीब 10 मिनट बाद प्रतिनिधिमंडल यह कहते हुए बाहर आ गया कि बातचीत केवल नेताओं से नहीं बल्कि हिमांशु के माता-पिता और परिवार के सदस्यों के साथ की जाएगी। वार्ता के दौरान सिटी एसपी ने परिजनों को बताया कि घटना के समय मौके पर मौजूद गश्ती दल के तीनों पुलिसकर्मियों एएसआई रतन कुमार दास, एएसआई राजेश कुमार रंजन और पुलिस जवान मनोज कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच जारी है, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम लगातार छापेमारी कर रही है। हालांकि परिजन इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हुए, लेकिन बाद में एसएसपी से बातचीत के बाद उन्होंने सड़क जाम समाप्त कर दिया। मृतक हिमांशु सरायकेला करणी सेना के युवा जिलाध्यक्ष थे। उनकी हत्या ने शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के दौरान पुलिस की दो जीप और टाइगर मोबाइल के जवान मौके पर मौजूद थे, इसके बावजूद जिलिंगगोड़ा के सात-आठ युवकों ने दो युवकों पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हो गया है, जिसमें पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। इस हमले में घायल आदित्यपुर निवासी प्रत्युष आनंद (28), जो नोवांता होटल के पास के रहने वाले हैं, का इलाज कोलकाता के अपोलो अस्पताल में चल रहा है और उनकी हालत भी गंभीर बनी हुई है।


बार संचालक भाजपा नेता समेत 11 लोगों पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज

इस मामले में बिष्टुपुर थाना में डबल डाउन बार के मालिक एवं भाजपा नेता नीरज सिंह समेत 11 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। हिमांशु के पिता आदित्यपुर निवासी अरविंद सिंह के बयान के आधार पर दर्ज एफआईआर में नीरज सिंह के अलावा बार के सह-मालिक विजय कुमार, गम्हरिया के धातकीडीह निवासी सोनू राम सरदार उर्फ सोनू मंडल, विश्वनाथ मंडल, राहुल, राज लोहार, अमित लोहार, अर्जुन लोहार, गणेश लोहार, लखन मार्डी तथा एक अन्य आरोपी को नामजद किया गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गम्हरिया निवासी सोनू राम सरदार और राज लोहार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।


छेड़खानी के विरोध से शुरू हुआ विवाद, पुलिस वैन के अंदर हुआ जानलेवा हमला

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 11:30 बजे डबल डाउन बार के अंदर कुछ युवक लड़कियों के साथ छेड़खानी कर रहे थे। इसका विरोध होने पर दो गुटों के बीच मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान हिमांशु सिंह और प्रत्युष आनंद बीच-बचाव करने पहुंचे। कुछ देर बाद जब दोनों पार्किंग से अपनी बाइक निकालकर घर लौटने की तैयारी कर रहे थे और प्रत्युष अपनी बुलेट बाइक पर बैठा था, तभी आठ से दस युवकों ने उन्हें घेर लिया और चाकू से हमला शुरू कर दिया। इसी दौरान पुलिस हिमांशु को पकड़कर अपनी जीप के अंदर ले गई, लेकिन आरोप है कि कुछ हमलावर पुलिस जीप के भीतर घुस गए और वहीं हिमांशु पर ताबड़तोड़ चाकू से वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल हिमांशु को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।


एक साल पहले हुई थी शादी, परिवार और संगठन में निभा रहे थे सक्रिय भूमिका

हिमांशु सिंह की शादी करीब एक वर्ष पहले मानगो गुरुद्वारा रोड निवासी ऋचा सिंह के साथ पूरे रीति-रिवाज से हुई थी। परिवार और करीबी लोगों के अनुसार विवाह के बाद उनका वैवाहिक जीवन सामान्य रूप से चल रहा था। सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहने वाले हिमांशु अपने परिवार के साथ भी पर्याप्त समय बिताते थे। शादी की पहली वर्षगांठ पूरी होने से पहले ही उनकी हत्या की इस घटना ने परिजनों, रिश्तेदारों, मित्रों और परिचितों को गहरे सदमे में डाल दिया है। वहीं पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली और शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

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