द फॉलोअप डेस्क
जमशेदपुर के बहुचर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड में पुलिस प्रशासन ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी पीयूष पांडेय के निर्देश पर की गई। इससे पहले सोमवार को घटना के समय ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में एएसआई रतन कुमार दास, एएसआई राजेश कुमार रंजन और कांस्टेबल मनोज कुमार को भी निलंबित किया गया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से साफ है कि पुलिस विभाग पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की दिशा में सख्त कदम उठा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर माना जा रहा है कि घटना के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और समय पर हस्तक्षेप करने में गंभीर चूक हुई थी।

डबल डाउन बार में विवाद के बाद हुई थी चाकूबाजी
पूरा मामला शनिवार देर रात बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन पब एंड बार में दो गुटों के बीच हुए विवाद से जुड़ा है। विवाद के दौरान हुई चाकूबाजी में आदित्यपुर निवासी हिमांशु सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान सोमवार को उनकी मौत हो गई, जिसके बाद शहर में भारी आक्रोश फैल गया। मौत की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग बिष्टुपुर के रीगल गोलचक्कर पर जुट गए और सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, इसके बावजूद समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। साथ ही घायलों को अस्पताल पहुंचाने में भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए गए।

प्रदर्शनकारियों की मांग के बाद थाना प्रभारी पर भी गिरी गाज
हिमांशु सिंह के परिजनों और प्रदर्शनकारियों ने घटना के समय मौजूद पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई, थाना स्तर पर जिम्मेदारी तय करने, सभी नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। बढ़ते जनदबाव और सड़क जाम के बीच प्रशासन ने पहले तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया और अब बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटा दिया है। उनके स्थान पर पुलिस निरीक्षक निरंजन कुमार को बिष्टुपुर थाना का नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। उन्हें तत्काल प्रभाव से पदभार संभालने का निर्देश दिया गया है।

पुलिस बोली- जवाबदेही तय होगी
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित करने और गंभीर आपराधिक मामलों में लापरवाही पर सख्त संदेश देने के उद्देश्य से की गई है। वहीं प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच पूरी नहीं होती, तब तक उनका आक्रोश शांत नहीं होगा। फिलहाल शहर में स्थिति सामान्य करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन डबल डाउन बार हत्याकांड को लेकर लोगों में नाराजगी बनी हुई है और अब सभी की निगाहें पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।