रांची
झारखंड हाईकोर्ट ने देवघर के जसीडीह थाना क्षेत्र में बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी संख्या 196/2025 की जांच पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति आनंदा सेन की अदालत ने पुनित अग्रवाल द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद दिया।
पुनित अग्रवाल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर एफआईआर को चुनौती दी थी। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि प्राथमिकी की सामग्री को देखने से ऐसा प्रतीत नहीं होता कि इसमें कोई आपराधिक तत्व मौजूद है। अदालत का मानना है कि प्राथमिकी दर्ज कराने वाले को पहले ही डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल और अन्य न्यायिक मंचों पर असफलता हाथ लगी है।
कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि संपत्ति की नीलामी पहले ही डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल के माध्यम से की जा चुकी है। ऐसे में एफआईआर दर्ज कराना एक प्रकार से कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग प्रतीत होता है। न्यायालय ने यह भी बताया कि संबंधित याचिकाकर्ता को पहले ही सिविल रिट में अंतरिम राहत मिल चुकी है।
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इसके साथ ही हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि एफआईआर में उल्लेखित तथ्यों से जुड़े मामले पहले भी न्यायालय द्वारा खारिज किए जा चुके हैं। इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, अदालत ने एफआईआर की जांच पर अगले आदेश तक रोक लगाने का निर्देश दिया है।
