द फॉलोअप, रांची
झारखंड सरकार द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर नियुक्त कर्मियों को हटाए जाने के आदेश को चुनौती देने वाली तीन अलग-अलग याचिकाओं की गुरुवार को झरखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई । मामले में हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रौशन की कोर्ट ने जेपीएससी की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा एवं फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति रद्द करने के सरकार के आदेश पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी। कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार एवं जेपीएससी से जवाब मांगा है. प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अधिवक्ता अमृतांश वत्स और अधिवक्ता पीएएस पति ने पक्ष रखा। अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।आज हाईकोर्ट में सीजीएल, सीडीपीओ व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द किए जाने के विरुद्ध कोई सुनवाई नहीं हुई। मालूम हो कि राज्य सरकार ने 18 अगस्त की देर रात 22 प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द कर दिया था, जबकि 17 प्रतियोगी परीक्षाओं की जांच सीआईडी से कराने का फैसला किया था। सरकार के इस फैसले से 11 वीं से 13 वीं जेपीएससी की प्रतियोगी परीक्षा से नियुक्त हुए 342 अधिकारियों और फूड सेफ्टी अफसर के 56 अधिकारियों की नौकरी चली गयी थी। इन दोनों रैंक के अधिकारियों को हाईकोर्ट के फैसले से भारी राहत मिली है।