द फॉलोअप डेस्क
झारखंड हाईकोर्ट ने आज TGT (ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर) नियुक्ति मामले में रिक्त 2034 पदों पर अविलंब भर्ती करने का निर्देश दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए न्यायमूर्ति एसएन पाठक की अध्यक्षता में एक सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के गठन का आदेश दिया है। न्यायालय ने कहा कि सोनी कुमारी बनाम झारखंड सरकार मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के बाद जो नियुक्तियां हुई है, उसमें कई खामियां हैं। कोर्ट के सामने सही तथ्य भी प्रस्तुत नहीं किया गया। साथ ही जिन हजारों अभ्यर्थियों की नियुक्ति हुई, उनके मार्क्स सार्वजनिक नहीं किए गए।
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान गलत ढंग से नियुक्त अभ्यर्थियों को हटाने का भी आदेश दिया है। साथ ही इसमें शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध आपराधिक अथवा विभागीय कार्यवाही संचालित करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान कहा कि जेएसएससी और जेपीएससी की प्रतियोगिता परीक्षाओं मे पारदर्शिता का भारी अभाव है। इस कारण कई मामले न्यायालय में आ रहे है। इससे न्यायालय का समय जाया हो रहा है। इसलिए राज्य सरकार एक प्राधिकार का गठन करे, जहां छात्र या अभ्यर्थी अपनी बात रख सकें।
न्यायमूर्ति दीपक रोशन की एकलपीठ ने मीना कुमारी व अन्य बनाम राज्य सरकार [W\.P.(S) No. 582/2023] मामले की सुनवाई करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया में गंभीर खामियों को रेखांकित किया। अदालत ने पूरे मामले की गहन जांच के लिए एक वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित करने का आदेश दिया हैं. यह कमेटी झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश डॉ. जस्टिस एस. एन. पाठक की अध्यक्षता में बनेगी. साथ ही, अदालत ने झारखंड सरकार और जेएसएससी को शेष 2034 रिक्त पदों को शीघ्र भरने का निर्देश दिया हैं। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार और अधिवक्ता चंचल जैन ने दलीलें पेश की। उन्होंने अदालत को बताया कि नियुक्ति प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई है और पारदर्शिता की भारी कमी रही हैं।

मीना कुमारी ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर कर स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा के मेरिट लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। अदालत ने पूछा था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से कितने पदों पर नियुक्ति हुई कितने पद सुरक्षित रखे गए, यह भी पूछा था। मालूम हो कि स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा 2016 में कुल 17552 पदों के लिए विज्ञापन निकाला गया था। इसमें 2034 पदों को रिक्त रखा गया था। इन पदों पर कोई नियुक्ति नहीं की गयी थी।
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