रांची
झारखंड हाईकोर्ट ने रिटायर कर्मचारियों के लंबित पेंशन भुगतान मामले में सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा है कि अगर 6 सप्ताह में कोर्ट का आदेश नहीं माना गया तो नगर विकास के प्रधान सचिव सुनील कुमार का वेतन स्वत: रुक जाएगा. अदालत ने 20 मार्च 2026 के पैराग्राफ 12 का जिक्र करते हुए बहस के दौरान कहा कि पिछले बार ही अदालत ने भुगतान के लिए समय निर्धारित किया था। अदालत की ओर कहा गया था कि अगली सुनाई तक कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं हुआ तो नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार का वेतन भी रोका जा सकता है।

इन अफसरों का रुक चुका है वेतन
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई। पिछली सुनवाई में अदालत ने पाया था कि करीब 2 साल पहले दिए गए अदालत के आदेश का जानबूझकर पालन नहीं किया गया। उस आदेश में अदालत ने सरकार को निर्देश दिया था कि याचिकाकर्ताओं को नियमित पेंशन दी जाए और 6वें और 7वें वेतन आयोग के अनुसार संशोधित लाभ भी दिए जाएं। इस मामले में अदालत ने नगर विकास सचिव और अन्य अफसरों को व्यक्तिगत रूप से अगली सुनवाई में उपस्थित होने का आदेश दिया था। कोर्ट ने पिछली सुनवाई में जिन चार अफसरों के वेतन पर रोक लगाई थी, वह रोक अभी भी जारी है। इन अफसरों में रामगढ़ के उपायुक्त चंदन कुमार, हजारीबाग की उपायुक्त नैन्सी सहाय, हजारीबाग के कार्यपालक पदाधिकारी जोगेंद्र प्रसाद और रामगढ़ के कार्यपालक पदाधिकारी मनीष कुमार शामिल हैं।
