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जमशेदपुर हिमांशु हत्याकांड : मुख्यमंत्री ने SSP पीयूष पांडेय और सरायकेला-खरसावां की SP को हटाया, कहा- लापरवाही बर्दाश्त नहीं

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द फॉलोअप डेस्क:

झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने पहली बार राज्य में क्राइम कंट्रोल में विफलता के आरोप में पुलिस प्रशासन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार देर रात को जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार के पास पुलिस की मौजूदगी में करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह की हत्या मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी पीयूष पांडेय और सरायकेला-खरसावां की एसपी निधि द्विवेदी को उनके पदों से हटा दिया है। फिलहाल, आईपीएस दंपति को पुलिस मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि विधि-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में लापरवाही की वजह से यह कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने साथ ही जानकारी दी है कि चाईबासा के आयुक्त एवं रांची के एडीजी मनोज कौशिक क्षेत्र में लगातार कैंप करेंगे और स्थिति की प्रतिदिन समीक्षा करेंगे। डीआईजी कोल्हान अनुरंजन किस्पोट्टा को जमशेदपुर में रहकर कानून-व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सीएम ने यह कार्रवाई करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा है कि जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही या जवाबदेही से बचने की अनुमति नहीं दी जायेगी। 

 

पहली बार हुई इस तरह की कार्रवाई
गौरतलब है कि झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल में यह पहली बार है जबकि विधि-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं बना पाने की वजह से जिले के पुलिस कप्तानों पर इतनी बड़ी कार्रवाई की गई है। दरअसल, जमशेदपुर के बिष्टुपुर में पुलिस की मौजूदगी में करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह की बर्बर हत्या की वजह से सरकार विधि-व्यवस्था के मोर्चे पर चौतरफा घिर गई थी। जमशेदपुर में करणी सेना और क्षत्रिय महासभा के कार्यकर्ताओं समेत आम लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया था। वहीं, सोशल मीडिया पर भी मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी समेत अन्य दलों ने सरकार की तीखी आलोचना की थी।  

वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से कुणाल षाड़ंगी और कांग्रेस के राजेश ठाकुर ने कहा था कि दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी। अपराधी चाहे कोई भी हों, उनको बख्शा नहीं जायेगा। कुणाल षाड़ंगी ने कहा था कि अपराध पर हमारी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है। 

करणी सेना के कार्यकर्ता हिमांशु सिंह हत्याकांड से जुड़ा है मामला
गौरतलब है कि हिमांशु हत्याकांड के आरोपियों की धर-पकड़ के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। दरअसल, बिष्टुपुर के डीडी बार एंड कैफे के बाहर चाकूबाजी से हिमांशु सिंह की मौत मामले में बीते मंगलवार को भी जमकर हंगामा हुआ। सीएम ने डीजीपी को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया था। इसके बाद सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक जमशेदपुर पहुंचे। पुलिस ने मंगलवार को इस केस में 3 और युवकों को गिरफ्तार किया है। 8 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा अब भी फरार है। सिटी एसपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। 

गिरफ्तारी से पहले अंतिम संस्कार नहीं
परिजनों ने कहा है कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, वे हिमांशु का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। शव को फिलहाल टीएमएच के शीतगृह में रखा गया है। परिजनों ने पुलिस को चेतावनी भी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो वे आंदोलन करेंगे। इस केस में लापरवाही बरतने के आरोप में बिष्टुपुर के थाना प्रभारी समेत करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। 
भारतीय जनता पार्टी ने भी मुख्यमंत्री के फैसले का स्वागत किया है। भाजपा ने कहा कि पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी को मुख्यमंत्री ने हटा दिया। साढ़े 6 साल में पहली बार कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर किसी जिले के पुलिस अधीक्षक के खिलाफ ऐसी कार्रवाई हुई है। भारतीय जनता पार्टी का दावा है कि यह उनके सरकार पर दबाव बनाने का नतीजा है। 

थाना प्रभारी भी हुए हैं निलंबित
हिमांशु हत्याकांड में कार्रवाई को लेकर ताजा अपडेट्स की बात की जाए तो बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे को निलंबित किया गया है। डबल डाउन बार को सील कर दिया गया है। बीते मंगलवार को पुलिस मुख्यालय से एडीजी मनोज कौशिक घटनास्थल पर पहुंचे और जांच की। उन्होंने भी माना कि पुलिस से चूक हुई है। उन्होंने सीनियर एसपी, सिटी एसपी, डीएसपी और 5 थाना प्रभारियों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति बनाई है।

इधर, परिजनों का आरोप है कि विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा ही वह शख्स है जिसने चाकू से हिमांशु सिंह और प्रत्युष आनंद पर हमला किया। घटना, पुलिस की मौजूदगी में हुई। पुलिस की उपस्थिति में बेखौफ अपराधियों ने दोनों युवकों को पुलिस वाहन से खींचकर हमला किया। हालांकि, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की यह कार्रवाई बताती है कि बिष्टुपुर में करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह हत्याकांड मामले को सरकार सामान्य आपराधिक घटना नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में पुलिस प्रशासन की सामूहिक जवाबदेही के तौर पर देख रही है।

एसपी निधि द्विवेदी और एसएसपी पीयूष पांडेय को हटाकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि अपराध नियंत्रण  के मोर्चे पर पुलिस प्रशासन की ओर से बरती गई लापरवाही को हल्के में नहीं लिया जायेगा। यह घटना बाकी जिलों में भी पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ा सबक बन गया है....

 

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