logo

MMDR बिल के खिलाफ लोकतांत्रिक, संवैधानिक और कानूनी स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे: CM हेमंत सोरेन का ऐलान

CM00020.jpg

रांची 

खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) यानी MMDR कानून में संशोधन के खिलाफ झारखंड मुक्ति मोर्चा ने आंदोलन की रणनीति तैयार कर ली है। JMM की विस्तारित केंद्रीय समिति की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार पर झारखंड के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

क्या बोले हेमंत सोरेन?

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के कई नए फैसलों का असर देश के हर वर्ग पर पड़ रहा है। MMDR कानून में संशोधन को लेकर उन्होंने कहा कि बिना राज्य सरकारों से पर्याप्त सलाह-मशविरा किए इतना बड़ा बदलाव करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

झारखंड के आदिवासी-पिछड़े वर्ग पर असर का दावा

हेमंत सोरेन ने कहा कि MMDR कानून में किए गए बदलाव का प्रतिकूल प्रभाव झारखंड के आदिवासी, दलित, पिछड़े, गरीब, किसान और मजदूर वर्ग पर पड़ेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि इस बदलाव से होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई कौन करेगा।

1.36 लाख करोड़ रुपये के बकाये का मुद्दा

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार ने खनन क्षेत्रों से जुड़े करीब 1.36 लाख करोड़ रुपये के बकाये का मुद्दा पहले ही उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नए कानून के जरिए इस बकाये को भी प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।

केंद्र पर झारखंड को कमजोर करने का आरोप

हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड जैसे राज्य को अपने पैरों पर खड़ा होने से रोकने वाला यह बड़ा कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सक्षम और विकसित राज्यों के प्रति ज्यादा संवेदनशील है, जबकि आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्गों के हितों की अनदेखी हो रही है।

आगे क्या करेगी JMM?

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि JMM MMDR संशोधन का पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर लोकतांत्रिक, संवैधानिक और कानूनी स्तर पर लड़ाई लड़ेगी। बैठक में राज्य के अधिकारों और भविष्य से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा कर आगे की रणनीति तय की गई।

हमारे व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

https://chat.whatsapp.com/HH6GR1oBwB77Vy5eBcnoFo

Tags - Hemant Soren MMDR Bill Jharkhand Government Mineral Rights Jharkhand Politics