logo

पहले गेरूआ वेश में और अब छात्रों के वेश में ये लोग जनता को कर रहे दिग्भ्रमित, सदन में बोले CM हेमंत

रने.jpg

द फॉलोअप डेस्क
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों के मुद्दे पर विधानसभा में विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग छात्रों के नाम पर राजनीति कर रहे हैं और उन्हें दिग्भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। सीएम ने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार कई परीक्षाओं को रद्द करने और उनकी जांच कराने का निर्णय पहले ही ले चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि ये लोग गेरूआ वस्त्र पहनकर दिग्भ्रमित करते हैं। अब छात्रों के वेश में षडयंत्र कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि ये लोग परजीवी की तरह काम करते हैं। कभी कभी ये अनेक तरह की आड़ में छिपे रहते है। हमारे विपक्ष चाहते ही नहीं हैं कि आने वाली पीढ़ी सही गलत को समझ पाए। जांच को लेकर सरकार की कल्पना स्पष्ट है। हम काम को अंजाम तक ना पहुंचा पाए उसके लिए ये लोग अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करने में लगा है। कहावत है ना कि हल्ला करते रहे हम चलते रहेंगे। भैंस के आगे बीन बजाने का कोई फायदा नहीं है। कल के विधानसभा घेराव को लेकर उन्होंने कहा कि प्रशासन ने धैर्य का परिचय दिया। साथ ही सीएम ने कहा हमारे विपक्ष के लोग गेरुआ वस्त्र पहनकर दिग्भ्रमत कर रहे हैं। छात्रों का चोला पहनकर दिगभ्रमित कर रहे। हम ये पर्दा हटाते रहेंगे। 


परीक्षा व्यवस्था में सुधार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आने वाले समय में बड़े संस्थानों से सलाह लेकर परीक्षाएं आयोजित कराएगी। उन्होंने कहा कि IIT और IIM जैसे संस्थानों से सलाह लेकर परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाया जाएगा। सीएम ने यह भी कहा कि जिन परीक्षाओं को लेकर जांच की जरूरत है, उनकी जांच कराने के लिए सरकार तैयार है। उन्होंने विपक्ष पर जांच एजेंसियों के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की मंशा स्पष्ट है और छात्रों के हित में काम किया जा रहा है।


‘गिरने की शुरुआत हुई है’ 
विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि प्रशासन ने पूरे मामले में धैर्य का परिचय दिया है, जबकि विपक्ष छात्रों का चोला पहनकर उन्हें दिग्भ्रमित करने में लगा है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ऐसे प्रयासों का पर्दाफाश करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने विपक्ष को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, उन्होंने हूबनाथ पांडे की एक कविता कहते हुए कहा कि गिरो के गिरने की अभी और संभावनाएं बाकी हैं, अभी तो गिरने की शुरुआत है।