द फॉलोअप डेस्क
छात्रों के आंदोलन पर सीएम हेमंत सोरेन ने 24 घंटे के अंदर फिर से बयान दिया है। कहा है कि छात्रों की समस्या राष्ट्रीय संकट बन रही है। हमारी सरकार इसको देख रही है. कंक्रीट रिजल्ट के लिए हम आगे बढ़ेंगे। सरकार के दरवाजे सबके लिए खुले हैं। जिनकी मांग सरकार से है वो अपनी बात रख सकते हैं। उनकी बात को सरकार गंभीरता से देखेगी। जांच भी चल रही है। सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए कदम बढ़ाया है। राज्यपाल से भी मिलकर इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने बात की है। दरअसल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को लोकभवन में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात कर राज्य के मौजूदा हालात पर चर्चा की। मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों और भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों पर सरकार गंभीरता से नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल भी हाल ही में दिल्ली गए थे, जहां उनकी प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से भी मुलाकात हुई थी। इस दौरान राज्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

छात्रों की समस्याओं पर सरकार गंभीर, जांच जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों की समस्याएं सरकार के संज्ञान में हैं और संबंधित मामलों की जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ठोस परिणाम सामने लाने की दिशा में सरकार आगे बढ़ेगी। हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से देख रही है और किसी भी तरह के अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं और जिनकी भी सरकार से कोई मांग है, वे अपनी बात रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों का विषय अप्रत्यक्ष रूप से सरकार के पास है और उनकी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कई तरह की बातें सामने आ रही हैं, जिनकी जांच जारी है और सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

राज्यपाल ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता पर दिया जोर
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने छात्रहित को सर्वोपरि बताते हुए परीक्षा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और युवाओं के विश्वास को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं को गंभीर विषय बताते हुए कहा कि आयोगों को इस प्रकार कार्य करना चाहिए कि उनकी पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर किसी भी प्रकार का प्रश्नचिह्न न लगे। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार छात्रों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और युवाओं के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।