जामताड़ा:
झारखंड प्रदेश स्वास्थ्य सहिया संघ की जिला इकाई के बैनर तले सोमवार को स्वास्थ्य सहियाओं ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर समाहरणालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। धरना समाप्त होने के बाद संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की गुहार लगाई।

आर्थिक तंगी से जूझ रहीं सहियायें
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संघ की जिलाध्यक्ष मिताली मंडल ने कहा कि वर्ष 2005-06 से ही सहियाएं ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने का काम निष्ठापूर्वक कर रही हैं। बच्चों के शत-प्रतिशत टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, सुरक्षित प्रसव, मलेरिया नियंत्रण और कुपोषित बच्चों की निगरानी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में सहियाओं की अहम भूमिका रही है। कोविड-19 महामारी के दौर में भी अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने के बावजूद, उनके कई कार्यों की प्रोत्साहन राशि का अब तक भुगतान नहीं हुआ है।
वर्तमान में मिलने वाली मात्र 2 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी समय पर न मिलने के कारण सहियाओं के सामने गहरा आर्थिक संकट पैदा हो गया है। वर्षों सेवा देने के बाद भी उन्हें न तो सरकारी कर्मचारी माना गया है और न ही अनुबंध का दर्जा मिला है।

सहियाओं की प्रमुख मांगें क्या हैं!
ग्रामीण एवं शहरी सहियाओं को प्रोत्साहन राशि की जगह 18,000 रुपये का निश्चित मानदेय देने तथा उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग की गई है। उच्च योग्यताधारी सहियाओं को एएनएम (ANM) का प्रशिक्षण देकर राज्य स्तरीय नियुक्ति में 50% आरक्षण देने और 10 लाख रुपये का बीमा कवर प्रदान करने की मांग रखी गई। सभी सहियाओं को 5G टैब देने, यात्रा भत्ता लागू करने, तथा वर्ष में 2 बार ड्रेस के लिए अलग से राशि आवंटित करने की बात कही गई। प्रत्येक पंचायत में एम्बुलेंस युक्त स्वास्थ्य उपकेंद्र खोलने, सीएचसी (CHC) में सहिया हेल्प डेस्क स्थापित करने और VHSNC फंड को 10,000 से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने का आग्रह किया गया। कोविड-19 काल की बकाया राशि का तुरंत भुगतान करने तथा स्वास्थ्य प्रहरी और प्रोत्साहन राशि को जोड़कर एकमुश्त देने की मांग शामिल है।
इस विरोध प्रदर्शन में मालती रजक, गायत्री मंडल, लतिका किस्कू, कालिदासी मुर्मू, सीमा मंडल, कल्पना गोराई, रेबा सिंह समेत भारी संख्या में जिले भर की सहियाएं उपस्थित थीं।