द फॉलोअप डेस्क
हजारीबाग पुलिस ने उरीमारी थाना क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटना का सफल उद्भेदन करते हुए राहुल दुबे गैंग के 9 सक्रिय अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान भारी मात्रा में हथियार, जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। बताया गया कि 31 दिसंबर 2025 की सुबह करीब 4:30 बजे उरीमारी ओपी क्षेत्र के हेसावेडा गांव में दसाई मांझी के घर के पास फायरिंग की घटना हुई थी, जिसकी जिम्मेदारी राहुल दुबे गैंग ने ली थी। मामले में उरीमारी ओपी थाना में कांड दर्ज किया गया।
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमित आनंद के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। टीम ने उरीमारी, बड़कागांव, गिद्दी और केरेडारी क्षेत्र में लगातार छापेमारी अभियान चलाया। 7 जनवरी 2026 की रात करीब 9:20 बजे पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि राहुल दुबे गैंग का सक्रिय सदस्य शिवराज उर्फ शिवा अपने 8 से 10 साथियों के साथ उरीमारी के बधरैया फुटबॉल मैदान के पास हथियारों के साथ किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहा है। सूचना के आधार पर SIT टीम ने तुरंत छापेमारी की। पुलिस को देखते ही कुछ अपराधी भागने लगे, लेकिन पुलिस ने 9 अपराधियों को घेराबंदी कर पकड़ लिया, जबकि कुछ अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। गिरफ्तार अपराधियों की तलाशी के दौरान फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियार भी बरामद किए गए।
गिरफ्तार अपराधियों में शिवराज उर्फ शिवा, प्रीत कुमार उर्फ पवन, पियूष कुमार सिंह, प्रेम कुमार, बादल, विक्रम कुमार राम, मोहित सिंह, राजू कुमार और विशाल कुमार शामिल हैं। इनके खिलाफ आर्म्स एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर सभी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। पुलिस के अनुसार, राहुल दुबे गैंग झारखंड के कई जिलों में सक्रिय है और रंगदारी व लेवी के लिए फायरिंग जैसी घटनाओं को अंजाम देता रहा है। गिरफ्तार अपराधियों ने कई पुरानी वारदातों में अपनी संलिप्तता भी स्वीकार की। उनके पास से 5 देशी पिस्टल, 17 जिंदा कारतूस और 6 मोबाइल फोन बरामद किए गए। इस कार्रवाई में सदर एसडीपीओ, बड़कागांव एसडीपीओ, बड़कागांव, गिद्दी और उरीमारी थाना के अधिकारी व जवान, तकनीकी शाखा और नक्सल शाखा की अहम भूमिका रही। हजारीबाग पुलिस ने साफ कहा है कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
