हजारीबाग
हजारीबाग जिले के केरेडारी-बड़कागांव मुख्य मार्ग पर देसवारी के समीप रविवार देर शाम हुए भीषण सड़क हादसे में पिता और उनकी एक वर्षीय पुत्री की मौत हो गई, जबकि मृतक की पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। मृतकों की पहचान केरेडारी थाना क्षेत्र के बेलतू निवासी मो. आसीन और उनकी एक वर्षीय पुत्री के रूप में हुई है।
ससुराल जाते समय अज्ञात स्कॉर्पियो ने मारी टक्कर
जानकारी के अनुसार, मो. आसीन अपनी पत्नी और बेटी के साथ बाइक से केरेडारी के जोको स्थित अपने ससुराल जा रहे थे। इसी दौरान देसवारी के पास केरेडारी की ओर से बड़कागांव जा रही एक अज्ञात स्कॉर्पियो ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे जा गिरी। हादसे के बाद स्कॉर्पियो चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया।
अस्पताल में पिता-पुत्री को मृत घोषित किया गया
दुर्घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल तीनों घायलों को केरेडारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। चिकित्सकों ने जांच के बाद मो. आसीन और उनकी एक वर्षीय पुत्री को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल उनकी पत्नी को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, हजारीबाग रेफर कर दिया गया।.jpeg)
कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन
हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता कर जाम हटाने का प्रयास किया, लेकिन देर रात तक मामला शांत नहीं हो सका। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने अपना आंदोलन कड़वे बसरिया मोड़ पर स्थानांतरित कर दिया और वहां सड़क जाम कर दिया।
NTPC BGR की गाड़ियों के खिलाफ जताया आक्रोश
ग्रामीणों का कहना है कि कड़वे बसरिया मोड़ से NTPC BGR कंपनी की गाड़ियां लगातार गुजरती हैं और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण इस मार्ग पर सड़क सुरक्षा लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। इसी वजह से ग्रामीणों ने कंपनी के वाहनों के आवागमन वाले मार्ग को ही अवरुद्ध कर दिया, जिससे कंपनी के वाहनों सहित अन्य यातायात भी प्रभावित हो गया।.jpeg)
मुआवजे और आरोपी चालक की गिरफ्तारी की मांग
ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने, हादसे में शामिल वाहन की पहचान करने और फरार चालक की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक दोषी चालक के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल प्रशासन ग्रामीणों से लगातार वार्ता कर स्थिति सामान्य करने का प्रयास कर रहा है, जबकि सड़क जाम के कारण यातायात प्रभावित बना हुआ है।