हजारीबाग
झारखंड में बढ़ते नशे के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार अब सख्त और सक्रिय मोड में नजर आ रही है। युवाओं और छात्रों को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए प्रशासन ने जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। हजारीबाग में जिला प्रशासन ने घर-घर, स्कूलों, कोचिंग संस्थानों, बाजारों और रेलवे स्टेशनों तक पहुंचकर लोगों को जागरूक करने की पहल शुरू की है। नशा सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए हजारीबाग जिला प्रशासन ने विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। सोमवार को उपायुक्त हेमंत सती और एसडीएम आदित्य पांडे ने प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
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सामाजिक भागीदारी को भी मजबूत करने की कोशिश
ये वाहन जिले के विभिन्न प्रखंडों, मोहल्लों, बाजारों, रेलवे स्टेशनों, स्कूलों और कोचिंग संस्थानों में जाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे। प्रशासन का उद्देश्य युवाओं और छात्रों को नशे से दूर रखकर उन्हें स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की ओर प्रेरित करना है। अभियान के दौरान लोगों को नशा मुक्ति, कानूनी प्रावधानों और सामाजिक जिम्मेदारियों की जानकारी दी जाएगी। जिला प्रशासन का कहना है कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। नशे के खिलाफ हजारीबाग प्रशासन की यह पहल जागरूकता के साथ-साथ सामाजिक भागीदारी को भी मजबूत करने की कोशिश है। अब देखना होगा कि यह अभियान युवाओं को नशे से दूर रखने में कितना प्रभावी साबित होता है।
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