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स्कूल की जमीन के नीचे दफन की गई जिप्सी बरामद, जानें क्यों 8 साल पहले दिनेश गोप ने छिपाया था इसे

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द फॉलोअप डेस्क
टेरर फंडिंग के मामले में गिरफ्तार पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप एक से एक खुलासा कर रहा है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आठ दिनों तक पूछताछ की। इसके बाद से संगठन के कारनामे लगातार उजागर हो रहे हैं। बुधवार को भी एक ऐसा मामला सामने आया कि जिसने सुना-देखा वो हैरत में पड़ गए। दरअसल खूंटी के रनिया थाना के गरई स्थित विद्या विहार पब्लिक स्कूल परिसर में ही जमीन के अंदर गाड़ कर छिपाए गए एक जिप्सी वाहन को पुलिस ने बरामद किया है। सर्च अभियान के दौरान बीडीडीएस टीम के सहयोग से उक्त स्थल को चिह्नित कर जब वहां खुदाई की गई तो जर्जर अवस्था में जिप्सी बरामद हुई। इस अभियान के दौरान बम निरोधक दस्ते के साथ झारखंड जगुआर और एसटीएफ की टीम मौजूद रही। बताते चलें कि जिस गरई गांव के स्कूल परिसर की जमीन में गाड़ी गई जिप्सी बरामद हुई है उस स्कूल का निर्माण दिनेश गोप ने ही कराया था।


हथियारबंद दस्ते के साथ जिप्सी में घूमता था दिनेश
दिनेश गोप उसी जिप्सी वाहन से क्षेत्र में घूमा करता था। पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम को जब उसके उक्त वाहन का पता चल गया तो वाहन को छिपाने की नीयत से लगभग आठ वर्ष पूर्व उसे स्कूल परिसर में जमीन के नीचे दफन कर दिया गया था। बताते चलें कि दिनेश गोप की गिरफ्तारी से पूर्व तक रनिया का यह इलाका दिनेश गोप का गढ़ हुआ करता था। खूंटी एसपी के अनुसार दिनेश गोप ने वर्षों पूर्व लातेहार क्षेत्र से मंगाए गए इस जिप्सी वाहन को जंगली क्षेत्र में दूर से नजर ना आ सके इसलिए वाहन को गहरे हरे रंग में रंग दिया गया था। इस जिप्सी वाहन में दिनेश गोप अपने हथियारबंद दस्ते के साथ क्षेत्र में घूमा करता था।

जमीन में दफन हथियार भी हुए हैं बरामद
दिनेश गोप के टेरर फंडिंग में गिरफ्तारी के बाद पीएलएफआई संगठन के खिलाफ पुलिस को लगातार सफलता मिल रही है।
24 मई को रनिया के कोटांगेर और गोहारोम जंगल में जमीन में गाड़ कर छिपाई गई जर्मन राइफल और एके 47 राइफल की 4320 गोलियां सहित अन्य अग्नेयास्त्र, विस्फोटक पदार्थ और अन्य सामान बरामद हुए थे। इस दौरान उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के दो सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया था। दो दिन पहले ही सोमवार की रात भी जरियागढ़ थाना के मधुवन जंगल से जेल में बंद पीएलएफआई के जोनल कमांडर तिलकेश्वर गोप उर्फ राजेश गोप का निजी हथियार मैगजीन लगी एके-56 राइफल और 27 गोलियों के साथ पीएलएफआई के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार उग्रवादियों की निशानदेही पर रनिया के कोचा जंगल से गन फैक्ट्री के लिए मंगाई गई हथियार बनाने वाली एक लेथ मशीन और एक मिलिंग मशीन को भी पुलिस ने बरामद किया।

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