द फॉलोअप डेस्क
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रांची शाखा 29 सितंबर को कोलकाता और हावड़ा में 15.41 करोड़ रुपये मूल्य की 10 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। ये संपत्तियां अमित गुप्ता की हैं, जो बड़े पैमाने पर जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) धोखाधड़ी सिंडिकेट के मास्टरमाइंडों में से एक है। ये संपत्तियां पीएमएलए, 2002 के तहत उसके सहयोगियों के खिलाफ हैं। इस मामले में कुल कुर्की राशि 20.70 करोड़ रुपये (लगभग) है।

आरोप के अनुसार शिव कुमार देवड़ा, सुमित गुप्ता, अमित गुप्ता समेत कई अन्य आरोपियों ने लगभग 14,325 करोड़ रुपये के फर्जी चालान तैयार किए। इन फर्जी चालानों के माध्यम से 800 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जी टैक्स क्रेडिट क्लेम किया गया, जिससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान हुआ। ED और जीएसटी इंटेलिजेंस के संयुक्त जांच में सामने आया की आरोपियों ने 90 से अधिक शेल कंपनियों का इस्तेमाल कर फर्जी लेनदेन दिखाए और टैक्स चोरी की। ये कंपनियां कागज पर ही मौजूद थीं और इनका संचालन केवल इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) प्राप्त करने के लिए किया जा रहा था।
