द फॉलोअप डेस्क
राज्य सरकार फिलहाल एक तिहाई रिक्त पदों पर भी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का सैद्धांतिक फैसला किया है। कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा इसको लेकर एक प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए मुख्य सचिव को भेजा गया था। जानकारी के अनुसार मुख्य सचिव अलका तिवारी ने कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग को प्रस्ताव तैयार कर उस पर कैबिनेट की स्वीकृति लेने का निर्देश दिया है। मालूम हो कि इससे पूर्व भी कार्मिक विभाग इस दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा था। लेकिन कार्मिक विभाग दूसरे विभागों एक तिहाई पदों पर नियुक्ति के लिए अधियाचना भेजने का निर्देश नहीं दे सकता था। कार्यपालिका नियमावली के अनुसार एक से अधिक विभागों से जुड़े मामलों में मुख्य सचिव की स्वीकृति या सहमति आवश्यक है। फिर क्रमवार ढंग से सरकार शेष रिक्त पदों के लिए विभागों से अधियाचना मंगा कर जेपीएससी या जेएसएससी को प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित करने का निदेश देगी।

यहां मालूम हो कि वित्त विभाग के एक आंकड़े के अनुसार राज्य में लगभग डेढ़ लाख स्वीकृत पद रिक्त हैं। इस तरह एक तिहाई नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने पर वर्तमान में 40-50 हजार पदों पर ही नियुक्ति शुरू हो पाएगी। इनमें सबसे अधिक लगभग 38 हजार प्राथमिक शिक्षा, लगभग 30 हजार स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, लगभग 29 हजार गृह विभाग में पद रिक्त हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग को जोड़ दें तो इन चारों विभागों में ही लगभग एक लाख पद रिक्त हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार वित्तीय स्थिति में सुधार होने तक राज्य सरकार फिलहाल गैर योजना मद का बोझ लेने से बचना चाहती है। मालूम हो कि वेतन-भत्ता जैसे खर्च गैर योजना मद में आते हैं।
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