रांची
झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने राज्य सरकार से अपील की है कि वह झारखंड के महापुरुष और राज्य के निर्माता माने जाने वाले दिशोम गुरुजी शिबू सोरेन को भारत रत्न देने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजे। पार्टी का कहना है कि 22 से 28 अगस्त के बीच होने वाला पूरक मानसून सत्र इस ऐतिहासिक प्रस्ताव को पारित करने के लिए उपयुक्त अवसर है।
22 अगस्त को जहां अनुपूरक बजट पेश होगा और दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी जाएगी, वहीं 26 अगस्त को अतिवृष्टि और किसानों की समस्याओं पर विशेष चर्चा के दौरान जेएमएम चाहती है कि सत्ताधारी दल इस प्रस्ताव को सदन में लाकर पारित कराए। पार्टी का तर्क है कि यह न केवल दिशोम गुरुजी को श्रद्धांजलि होगी, बल्कि झारखंड की भावनाओं को भी देश के सामने रखने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।
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जेएमएम ने कहा कि शिबू सोरेन का जीवन त्याग, संघर्ष और सेवा का प्रतीक रहा है। उन्होंने आदिवासी समाज के हित में नशाखोरी और महाजनी प्रथा के खिलाफ जनांदोलन छेड़ा, शिक्षा और सामाजिक चेतना के माध्यम से आदिवासियों को जागरूक किया और झारखंड राज्य निर्माण के आंदोलन को निर्णायक मोड़ तक पहुंचाया।
जेएमएम ने यह भी कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब तक केंद्र सरकार ने शिबू सोरेन के अभूतपूर्व योगदान को देखते हुए उन्हें भारत रत्न देने की पहल नहीं की है। पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी के सांसदों और विधायकों से भी इस दिशा में पहल करने की अपील की, यह कहते हुए कि दिशोम गुरु सिर्फ एक राजनीतिक नेता नहीं बल्कि सामाजिक न्याय के प्रतीक और सर्वमान्य नेता थे।

जेएमएम का मानना है कि अगर झारखंड विधानसभा से यह प्रस्ताव पारित होकर केंद्र तक जाता है, तो यह न सिर्फ झारखंड के लिए, बल्कि पूरे देश के लोकतांत्रिक और सामाजिक मूल्यों के लिए गर्व की बात होगी।
पार्टी ने सरकार से आग्रह किया है कि इस प्रस्ताव को सत्र की प्राथमिकता में शामिल कर तत्काल पारित कराए।
