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गिरिडीह पुलिस ने लौटाई 211 परिवारों की मुस्कान, खोया मोबाइल वास्तविक मालिकों को सौंपे

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द फॉलोअप डेस्क
गिरिडीह जिले के 211 लोगों और उनके परिवारों के लिए आज का दिन बेहद खास रहा। जिन लोगों ने अपना मोबाइल फोन खो दिया था या जिनके मोबाइल चोरी हो गए थे, उन्हें बड़ी राहत मिली जब गिरिडीह पुलिस ने विशेष अभियान के तहत बरामद किए गए 211 मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए। न्यू पुलिस लाइन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने स्वयं लाभुकों के बीच मोबाइल फोन वितरित किए। अपना मोबाइल वापस मिलने की खुशी लोगों के चेहरों पर साफ झलक रही थी। कई लोगों ने इसे खोई हुई अमानत के वापस मिलने जैसा बताया और गिरिडीह पुलिस की इस पहल की खुलकर सराहना की। कार्यक्रम में सदर एसडीपीओ जितवाहन उरांव, एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों के थाना प्रभारी और अन्य पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद रहे। गिरिडीह पुलिस पिछले कुछ समय से जिलेभर में गुमशुदा और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चला रही थी। इस अभियान के तहत विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज शिकायतों का विश्लेषण किया गया। मोबाइल के आईएमईआई नंबर और आधुनिक तकनीकी संसाधनों की मदद से लगातार ट्रैकिंग की गई। साइबर सेल और संबंधित थाना पुलिस के समन्वय से जिले के अलावा अन्य स्थानों पर सक्रिय मोबाइल फोन की पहचान कर कार्रवाई की गई, जिसके बाद कुल 211 मोबाइल फोन बरामद किए गए। बरामद मोबाइलों में विभिन्न कंपनियों के महंगे स्मार्टफोन, एंड्रॉयड फोन और आईफोन भी शामिल हैं। इनमें कई मोबाइल महीनों पहले गुम हुए थे, जबकि कुछ चोरी के मामलों में बरामद किए गए। आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए।

मोबाइल लौटने से लोगों को मिली बड़ी राहत

मोबाइल प्राप्त करने पहुंचे लोगों में छात्र, नौकरीपेशा, व्यवसायी, गृहिणी और बुजुर्ग भी शामिल थे। मोबाइल वापस मिलने के बाद कई लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका फोन दोबारा मिल पाएगा। कई लोगों ने बताया कि उनके मोबाइल में महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंकिंग से जुड़ी जानकारी, पारिवारिक तस्वीरें और जरूरी संपर्क नंबर सुरक्षित थे। ऐसे में मोबाइल वापस मिलने से उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक तनाव से भी राहत मिली। लाभुकों ने गिरिडीह पुलिस की तत्परता और तकनीकी जांच की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल से पुलिस के प्रति लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है।

एसपी ने लोगों से शिकायत दर्ज कराने और आईएमईआई सुरक्षित रखने की अपील की

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल फोन केवल बातचीत का साधन नहीं, बल्कि लोगों के दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। बैंकिंग, ऑनलाइन भुगतान, सरकारी सेवाओं, शिक्षा, व्यवसाय और अन्य कई जरूरी कार्य मोबाइल के माध्यम से ही किए जाते हैं। ऐसे में मोबाइल खो जाने या चोरी होने पर लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि गिरिडीह पुलिस आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत है और गुमशुदा एवं चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने पर तुरंत संबंधित थाना में शिकायत दर्ज कराएं तथा शिकायत के दौरान मोबाइल का आईएमईआई नंबर उपलब्ध कराएं, ताकि ट्रैकिंग में आसानी हो और बरामदगी की संभावना बढ़ सके। साथ ही मोबाइल खरीदते समय उसका बिल और आईएमईआई नंबर सुरक्षित रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की भी अपील की।

मोबाइल वितरण कार्यक्रम ने बढ़ाया जनता का पुलिस पर भरोसा

कार्यक्रम के दौरान मौजूद पुलिस अधिकारियों ने कहा कि तकनीक के बेहतर उपयोग और साइबर सेल की सक्रियता के कारण मोबाइल बरामदगी के मामलों में लगातार सफलता मिल रही है। पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि पीड़ित लोगों को उनकी खोई हुई संपत्ति वापस दिलाना भी है। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में मोबाइल फोन चोरी और गुम होने की घटनाओं में वृद्धि हुई है, लेकिन तकनीकी जांच और साइबर ट्रैकिंग की मदद से पुलिस लगातार सफलता हासिल कर रही है। गिरिडीह पुलिस द्वारा 211 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपना न केवल एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि आधुनिक तकनीक और प्रभावी पुलिसिंग के माध्यम से आम लोगों की समस्याओं का समाधान संभव है। सोमवार को आयोजित यह कार्यक्रम केवल मोबाइल वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करने का काम किया।

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