द फॉलोअप डेस्क
गिरिडीह जिले में हुई वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं ने भारी तबाही मचा दी। तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। सबसे दर्दनाक हादसा देवरी थाना क्षेत्र में हुआ, जहां एक ही परिवार के तीन बच्चों समेत पांच लोगों की मौत ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। घटना के बाद जिले में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, देवरी थाना क्षेत्र के देवपहाड़ी स्थित गोसाईं आहर के पास पांच किशोर बारिश से बचने के लिए बैठे थे। इसी दौरान आकाशीय बिजली गिरने से सभी उसकी चपेट में आ गए। हादसे में अर्जुन कुमार साव (17), विष्णुदेव साव (13), गजेंद्र साव (15) और कुश कुमार तिवारी (18) की मौत हो गई, जबकि उमेश यादव (17) गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, बांसडीह पंचायत के तिलयडीह गांव में धान के खेत में काम कर रहे संतोष तिवारी (40) की भी वज्रपात से मौत हो गई, जबकि विक्रम तिवारी घायल हो गए और उनका इलाज जारी है।

जिले के कई थाना क्षेत्रों में वज्रपात से गई जान
देवरी के अलावा जिले के अन्य हिस्सों में भी वज्रपात ने कहर बरपाया। गावां थाना क्षेत्र में पूनम देवी (35) की मौत हो गई। बिरनी थाना क्षेत्र के बेड़गेरो गांव निवासी हनूश मियां (75) की भी आकाशीय बिजली गिरने से जान चली गई। वहीं बगोदर थाना क्षेत्र में काम करने आए लातेहार निवासी मजदूर समीर गिद तथा जमुआ थाना क्षेत्र के बागेडीह गांव निवासी आरती देवी की भी वज्रपात से मौत हो गई। इन घटनाओं में तीन अन्य लोग घायल हुए हैं, जबकि जिले के विभिन्न अस्पतालों में आधा दर्जन से अधिक घायलों का इलाज चल रहा है।

प्रशासन पहुंचा गांव, तड़ित चालक लगाने की उठी मांग
घटनाओं की सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी प्रभावित गांवों में पहुंचे तथा पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। जनप्रतिनिधियों ने लगातार बढ़ रही वज्रपात की घटनाओं पर चिंता जताते हुए गांव-गांव में तड़ित चालक (लाइटनिंग अरेस्टर) लगाने की मांग की। उनका कहना है कि कई स्थानों पर पहले लगाए गए तड़ित चालक चोरी हो चुके हैं, जिससे लोगों की सुरक्षा प्रभावित हुई है।

सिविल सर्जन ने की 10 मौतों की पुष्टि
जिले के सिविल सर्जन बच्चा प्रसाद सिंह ने बताया कि वज्रपात से मरने वालों की संख्या 10 हो गई है। उन्होंने बताया कि अब तक 9 शवों का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है, जबकि एक अन्य शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी घायलों का इलाज जारी है और स्वास्थ्य विभाग पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।