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खनिज संशोधन विधेयक 2026 से झारखंड के विकास और अधिकारों पर पड़ेगा असर: संजय सिंह

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गिरिडीह
गिरिडीह के परिसदन भवन में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने प्रस्तावित MMDR संशोधन विधेयक 2026 और झारखंड में लागू खनिज वहन भूमि उपकर को लेकर पार्टी का पक्ष रखा। इस दौरान गिरिडीह की महापौर पर्मिला मेहरा, उप महापौर सुमित कुमार समेत पार्टी के अन्य नेता मौजूद रहे।
खनिज वहन भूमि उपकर पर रखा पक्ष
संजय सिंह ने कहा कि खनिज वहन भूमि उपकर कोई नई रॉयल्टी नहीं है, बल्कि खनिज युक्त भूमि पर लगाया जाने वाला उपकर है। उन्होंने बताया कि जुलाई 2024 में सुप्रीम कोर्ट की नौ सदस्यीय संविधान पीठ के फैसले के बाद झारखंड विधानसभा ने JMBL Cess अधिनियम पारित किया था।
राज्य के विकास में राजस्व की भूमिका
उन्होंने दावा किया कि इस उपकर से राज्य को महत्वपूर्ण राजस्व प्राप्त हो रहा है, जिसका उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण विकास, पेयजल, स्वच्छता और आधारभूत संरचना जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है।
MMDR संशोधन विधेयक पर जताई आशंका
संजय सिंह ने कहा कि प्रस्तावित MMDR संशोधन विधेयक 2026 लागू होने पर झारखंड की वित्तीय एवं विधायी स्वायत्तता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने आशंका जताई कि इसका असर खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और राज्य में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं पर भी पड़ सकता है।
 

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