गिरिडीह
गिरिडीह जिले में 16 वर्षीय स्कूली छात्रा पायल कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर जनाक्रोश बढ़ता जा रहा है. रविवार को परिजनों, ग्रामीणों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने शहर में कैंडल मार्च निकालकर निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की. कैंडल मार्च झंडा मैदान से शुरू होकर टावर चौक तक पहुंचा. यहां पायल की तस्वीर के समक्ष मोमबत्तियां जलाकर लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर न्याय की मांग को लेकर नारेबाजी भी की.
पिता बोले- मेरी बेटी नहीं कर सकती आत्महत्या
मार्च में मृतका के पिता जागेश्वर दास, परिजन शिवा दास, राजू दास और संजय दास सहित सैकड़ों ग्रामीण और छात्र-छात्राएं शामिल हुए. मृतका के पिता ने कहा कि उनकी बेटी एक मेधावी और होनहार छात्रा थी तथा वह आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकती. उन्होंने मामले की पारदर्शी, निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील की.

मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और DC से सख्त कार्रवाई की मांग
वहीं, पायल की सहपाठी छात्राओं ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की घटना से छात्राओं में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है. उन्होंने कहा कि यदि बेटियां सुरक्षित महसूस नहीं करेंगी, तो उनकी शिक्षा और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मामले में शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की. साथ ही मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और रामनिवास यादव से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया.
प्रतीकात्मक पुतला को फांसी के फंदे से लटकाया
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए एक प्रतीकात्मक पुतला बनाकर टावर चौक पर फांसी के फंदे से लटका दिया. हालांकि, पूरे कार्यक्रम के दौरान स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही. परिजनों और स्थानीय लोगों ने एक स्वर में कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए, ताकि दोषियों को सजा मिल सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके.
